केदारनाथ में शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पहनावा खास आकर्षण का केंद्र रहा। वे हिमाचली टोपी व लद्दाखी गौंछा पहने थे। उनकी कमर पर लाल साफा बंधा था और हाथ में छड़ी लिए थे।
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केदारनाथ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
- फोटो : PTI
प्रधानमंत्री इससे पूर्व भी तीन बार जब केदारनाथ पहुंचे थे, तो उनकी वेशभूषा अलग थी। हर जुबान पर उनके इस अनूठे परिधान की चर्चा थी। सोशल मीडिया पर उनकी पोशाक को लेकर लोग दिन भर तरह तरह के कयास लगाते रहे।
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केदारनाथ में पीएम मोदी
- फोटो : अमर उजाला
कोई उनकी पोशाक को स्वामी विवेकानंद से जोड़ता दिखा तो कोई रविंद्रनाथ टैगोर से। कुछ जानकारों ने इसे बुद्ध पूर्णिमा से जोड़ा। शनिवार को बुद्ध पूर्णिमा थी। उनका कहना था कि बुद्ध पूर्णिमा को प्रधानमंत्री मोदी ने अपनी पोशाक का भी विशेष ख्याल रखा।
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केदारनाथ धाम में प्रधानमंत्री मोदी
- फोटो : एएनआई
पोशाक को बौद्ध संस्कृति की परिचायक भी बताया गया। कुछ लोगों का मानना था कि यह पोशाक लद्दाख क्षेत्र में विशेष मौकों पर पहनी जाती है, जहां बौद्ध धर्म के लोग अधिक संख्या में मौजूद हैं। पूर्व में भी लेह में राष्ट्रीय राजमार्ग के उद्घाटन मौके पर प्रधानमंत्री इसी तरह के परिधान में नजर आए थे।
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भगवान केदारनाथ की पूजा करते पीएम मोदी
- फोटो : ANI
उत्तराखंड की लोक संस्कृति से जुड़े वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. नंदकिशोर हटवाल के मुताबिक प्रधानमंत्री ने जो परिधान पहना हुआ था, वह बौद्ध संस्कृति से संबंध रखता है। साथ ही बदरीनाथ क्षेत्र के नीती-माणा के ग्रामीण भी रावल को कुछ इसी तरह का ऊन से बना परिधान भेंट करते हैं। भले ही उसकी लंबाई काफी कम होती है।