फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

केदारनाथ में पीएम मोदी ने पहनी हिमाचली टोपी, खास पहनावा बना आकर्षण का केंद्र

Sat, 18 May 2019 10:54 PM IST
Krishan Singh न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रुद्रप्रयाग
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रुद्रप्रयाग Published by: Krishan Singh Updated Sat, 18 May 2019 10:54 PM IST
विज्ञापन
kedarnath: PM Modi looks special in Himachali Topi and Ladakhi Gauncha
हिमाचली टोपी में मोदी - फोटो : PTI

केदारनाथ में शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पहनावा खास आकर्षण का केंद्र रहा। वे हिमाचली टोपी व  लद्दाखी गौंछा पहने थे। उनकी कमर पर लाल साफा बंधा था और हाथ में छड़ी लिए थे। 

kedarnath: PM Modi looks special in Himachali Topi and Ladakhi Gauncha
केदारनाथ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी - फोटो : PTI

प्रधानमंत्री इससे पूर्व भी तीन बार जब केदारनाथ पहुंचे थे, तो उनकी वेशभूषा अलग थी। हर जुबान पर उनके इस अनूठे परिधान की चर्चा थी। सोशल मीडिया पर उनकी पोशाक को लेकर लोग दिन भर तरह तरह के कयास लगाते रहे।

kedarnath: PM Modi looks special in Himachali Topi and Ladakhi Gauncha
केदारनाथ में पीएम मोदी - फोटो : अमर उजाला

कोई उनकी पोशाक को स्वामी विवेकानंद से जोड़ता दिखा तो कोई रविंद्रनाथ टैगोर से। कुछ जानकारों ने इसे बुद्ध पूर्णिमा से जोड़ा। शनिवार को बुद्ध पूर्णिमा थी। उनका कहना था कि बुद्ध पूर्णिमा को प्रधानमंत्री मोदी ने अपनी पोशाक का भी विशेष ख्याल रखा।

विज्ञापन
विज्ञापन
kedarnath: PM Modi looks special in Himachali Topi and Ladakhi Gauncha
केदारनाथ धाम में प्रधानमंत्री मोदी - फोटो : एएनआई

पोशाक को बौद्ध संस्कृति की परिचायक भी बताया गया। कुछ लोगों का मानना था कि यह पोशाक लद्दाख क्षेत्र में विशेष मौकों पर पहनी जाती है, जहां बौद्ध धर्म के लोग अधिक संख्या में मौजूद हैं। पूर्व में भी लेह में राष्ट्रीय राजमार्ग के उद्घाटन मौके पर प्रधानमंत्री इसी तरह के परिधान में नजर आए थे।

विज्ञापन
kedarnath: PM Modi looks special in Himachali Topi and Ladakhi Gauncha
भगवान केदारनाथ की पूजा करते पीएम मोदी - फोटो : ANI

उत्तराखंड की लोक संस्कृति से जुड़े वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. नंदकिशोर हटवाल के मुताबिक प्रधानमंत्री ने जो परिधान पहना हुआ था, वह बौद्ध संस्कृति से संबंध रखता है। साथ ही बदरीनाथ क्षेत्र के नीती-माणा के ग्रामीण भी रावल को कुछ इसी तरह का ऊन से बना परिधान भेंट करते हैं। भले ही उसकी लंबाई काफी कम होती है। 

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed