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Shimla News: लंगूर और कुत्तों के आतंक पर नगर निगम के खिलाफ प्रदर्शन
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नागरिक सभा ने सीटीओ चौक पर बोला हल्ला
बंदर के हमले से हुई महिला की मौत पर मांगा मुआवजा
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। शिमला नागरिक सभा ने शहर में बढ़ रहे बंदरों, लंगूरों और कुत्तों के आतंक को लेकर नगर निगम के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। सोमवार को सभा ने शहर के सीटीओ चौक पर प्रदर्शन किया। इस दौरान नगर निगम आयुक्त सचिन कंवल को ज्ञापन भी सौंपा गया।
ज्ञापन के माध्यम से शहर में इन जानवरों की बढ़ती संख्या को नियंत्रित करने के लिए आवश्यक कदम उठाने की मांग की गई। वहीं बीते दिनों शिमला शहर के समिट्री क्षेत्र में बंदर के हमले में मृत महिला के परिवार को पांच लाख रुपये मुआवजा देने की मांग भी की गई। प्रदर्शन के दौरान शिमला नागरिक सभा के अध्यक्ष जगमोहन ठाकुर और सचिव विवेक कश्यप ने कहा कि जानवरों के हमलों से आम जनता, खासकर महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग परेशान हो रहे हैं। सभा ने समस्या के स्थायी समाधान की मांग की। इसके साथ ही खुले में कुत्तों और अन्य जानवरों को खाना खिलाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की गई। उन्होंने खूंखार कुत्तों और आक्रामक बंदरों की पहचान कर उन्हें शेल्टर में रखने की मांग की। पैदल रास्तों और फुटब्रिजों को जानवरों के आतंक से मुक्त करने की भी मांग की गई। नसबंदी का काम युद्धस्तर पर करने और रिहायशी क्षेत्रों से जानवरों को उनके प्राकृतिक आवास में स्थानांतरित करने पर जोर दिया गया। सभा ने चेतावनी दी कि यदि समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
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बंदर के हमले से हुई महिला की मौत पर मांगा मुआवजा
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। शिमला नागरिक सभा ने शहर में बढ़ रहे बंदरों, लंगूरों और कुत्तों के आतंक को लेकर नगर निगम के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। सोमवार को सभा ने शहर के सीटीओ चौक पर प्रदर्शन किया। इस दौरान नगर निगम आयुक्त सचिन कंवल को ज्ञापन भी सौंपा गया।
ज्ञापन के माध्यम से शहर में इन जानवरों की बढ़ती संख्या को नियंत्रित करने के लिए आवश्यक कदम उठाने की मांग की गई। वहीं बीते दिनों शिमला शहर के समिट्री क्षेत्र में बंदर के हमले में मृत महिला के परिवार को पांच लाख रुपये मुआवजा देने की मांग भी की गई। प्रदर्शन के दौरान शिमला नागरिक सभा के अध्यक्ष जगमोहन ठाकुर और सचिव विवेक कश्यप ने कहा कि जानवरों के हमलों से आम जनता, खासकर महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग परेशान हो रहे हैं। सभा ने समस्या के स्थायी समाधान की मांग की। इसके साथ ही खुले में कुत्तों और अन्य जानवरों को खाना खिलाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की गई। उन्होंने खूंखार कुत्तों और आक्रामक बंदरों की पहचान कर उन्हें शेल्टर में रखने की मांग की। पैदल रास्तों और फुटब्रिजों को जानवरों के आतंक से मुक्त करने की भी मांग की गई। नसबंदी का काम युद्धस्तर पर करने और रिहायशी क्षेत्रों से जानवरों को उनके प्राकृतिक आवास में स्थानांतरित करने पर जोर दिया गया। सभा ने चेतावनी दी कि यदि समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
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