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Gobind Sagar Lake Accident: लाडलों के शव देख बिलख पड़े परिजन, हर आंख हुई नम, देखें तस्वीरें

Tue, 02 Aug 2022 06:15 PM IST
Krishan Singh न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ऊना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ऊना Published by: Krishan Singh Updated Tue, 02 Aug 2022 06:15 PM IST
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after Seeing their beloved sons for the last time, the relatives weeping bitterly, every eye became moist
बिलख पड़े परिजन। - फोटो : संवाद

हिमाचल प्रदेश के ऊना में गोबिंद सागर झील में डूबने से जान गंवाने वाले सातों युवकों के परिजन शवों को लेने के लिए मंगलवार सुबह क्षेत्रीय अस्पताल ऊना पहुंचे। शव गृह में अपने लाडलों को देखकर परिजन बिलख पड़े।  शवों की शिनाख्त व अन्य प्रक्रिया के दौरान अस्पताल परिसर चीख पुकार से गूंज उठा। पंजाब के मोहाली के बनूड़ से पहुंचे परिजन अस्पताल की दीवार का सहारा लेकर विलाप करते रहे। परिजनों को ढांढस बंधाते हुए साथ आए कुछ लोग उन्हें शव गृह से कुछ दूरी पर ले गए। यहीं पर प्रशासनिक औपचारिकताएं भी पूरी की गईं। बनूड़ वार्ड-11 से पार्षद भजन लाल की अगुवाई में आए लोगों ने प्रशासन के साथ तालमेल रखते हुए प्रक्रिया पूरी की।



पंजाब से सात सरकारी एंबुलेंस शवों को लेने के लिए ऊना पहुंची थीं। पोस्टमार्टम के बाद एक के बाद एक एंबुलेंस ऊना से बनूड़ के लिए रवाना हुईं। मौके पर बंगाणा पुलिस के अलावा पंजाब पुलिस के जवान भी मौजूद रहे। इससे पहले तहसीलदार बंगाणा राहुल शर्मा ने मृतकों के परिजनों को 25-25 हजार रुपये फौरी राहत राशि दी। परिजन फौरी राहत राशि हाथ में नहीं ले पाए।

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शवगृह के बाहर परिजन। - फोटो : संवाद

राहुल शर्मा ने बिलखते परिजनों की जेब में खुद राहत राशि डाली। पार्षद भजन लाल ने कहा कि पंजाब में स्थानीय और हिमाचल में ऊना प्रशासन का उन्हें भरपूर सहयोग मिला है। सभी प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंप दिए गए हैं। 

 

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रोते-बिलखते परिजन। - फोटो : संवाद

गांव से साथ आए लोगों ने रमेश की हालत देखते हुए उसे शवगृह से दूर एक पीपल के पेड़ के नीचे बिठा दिया। लेकिन उसकी नजरें लगातार शवगृह की ओर ताकती रही। रमेश ने रुंधे गले से कहा कि साहब! गरीब परिवार से हैं और बड़ी मेहनत करके बच्चों का कंधा अपने बराबर किया था।

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पोस्टमार्टम के बार परिजनों को सौंपे शव। - फोटो : संवाद

पिछले साल एक भाई सड़क हादसे में घायल हो गया और वो अभी तक बिस्तर पर है। उसके दोनों बेटे चल बसे। मेरा एक बेटा शवगृह में पड़ा है और एक भाई है। अपनों को शव गृह में देखकर रमेश सुध-बुध खो बैठा। साथ आए परिजनों ने उसे संभाला, लेकिन अपनों को खोने के गम में रमेश किसी से कुछ नहीं कह पाया।


 

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गोबिंद सागर झील में डूबे युवक। - फोटो : संवाद

गौरतलब है कि सोमवार को सावन के महीने में मंदिरों में दर्शन करने के लिए पंजाब से आए सात युवकों की गोबिंद सागर झील में डूबने से मौत हो गई थी। ये सभी झील में नहाने के लिए उतरे थे और तैरना नहीं जानते थे। झील की गहराई का अंदाजा न होने के कारण अचानक एक युवक डूबने लगा तो अन्य ने चेन बनाकर बचाने की कोशिश की। लेकिन देखते ही देखते सभी झील में डूब गए।  हादसे में दो परिवारों ने अपने दो-दो बेटे खोए हैं जबकि चार आपस में चाचा-भतीजा लगते थे। 
 



 
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