जनजातीय जिला लाहौल में फुमन नाले में बाढ़ और बारालाचा में बर्फ की दीवार गिरने से मंगलवार को मनाली-लेह मार्ग घंटों बंद रहा। इस दौरान सैकड़ों पर्यटक वाहन भी फंसे रहे।
लाहौल से कुल्लू की तरफ आ रहे कृषि मंत्री डॉ. रामलाल मारकंडा भी पांच घंटे जाम में फंसे रहे। जानकारी के अनुसार सुबह साढ़े 11 बजे के लगभग कोकसर से केलांग की ओर डेढ़ किलोमीटर आगे फुमन नाले में अचानक बाढ़ आ गई।
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मनाली-लेह मार्ग पर जाम
- फोटो : अमर उजाला
बाढ़ आने से मनाली-लेह मार्ग बंद हो गया। हालांकि इसे दोपहर बाद तीन घंटे की मशक्कत के बाद खोला गया। दोपहर बाद बारालाचा दर्रे में बीआरओ की ओर से बर्फ हटाए जाने के बाद यहां बर्फ की दीवार गिर गई। जिससे मार्ग बंद हो गया।
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मनाली-लेह मार्ग पर जाम
- फोटो : अमर उजाला
लेह से मनाली आ रहे वाहन सरचू में और मनाली से लेह की तरफ जा रहे वाहन दारचा में ही फंस गए। बर्फ के दीदार के लिए यहां पहुंच रहे सैलानियों का सफर मुश्किलों से भरा हो गया है। हालांकि मंगलवार को रोहतांग दर्रा सैलानियों के लिए बंद रहता है। इसके चलते सैलानियों ने लेह व लाहौल घाटी का रूख किया था।
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मनाली-लेह मार्ग पर जाम
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बताया जा रहा है कि 400 वाहन लाहौल और लेह की तरफ गए थे। गर्मी बढ़ने से लाहौल में ग्लेशियरों के पिघलने का दौर लगातार जारी है। पहाड़ों में बर्फ पिघलने की रफ्तार बढ़ते ही लाहौल घाटी के नाले उफान पर हैं। कुछ दिन पहले लाहौल के पागल नाले में भी पानी बढने से ट्रैफिक बंद हो गया था।