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साढ़े 11 साल की नौकरी में इस कर्मचारी ने नहीं ली एक भी छुट्टी

Fri, 10 Feb 2017 09:24 AM IST
संजय भारद्वाज/अमर उजाला, नाहन (सिरमौर)
संजय भारद्वाज/अमर उजाला, नाहन (सिरमौर) Updated Fri, 10 Feb 2017 09:24 AM IST
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HRTC Conductor Joginder thakur Not Taken a Single Holiday in 11 Years Service.

सरकारी कर्मचारियों के कामकाज, उनकी छुट्टियों से सब वाकिफ हैं। कई लोग सरकारी नौकरी में पूरी मौज करते हैं, लेकिन इस कर्मचारी ने सबके लिए मिसाल कायम कर दी है। अफसर भी इस कर्मचारी के कायल हैं। आइए जानते हैं पूरी कहानी-

HRTC Conductor Joginder thakur Not Taken a Single Holiday in 11 Years Service.

अपनी साढ़े 11 साल की नौकरी में इस कर्मचारी ने एक भी छुट्टी नहीं ली। और न ही पूरी नौकरी में छुट्टी लेने का इरादा है। साप्ताहिक अवकाश पर भी वह काम करते हैं। उनके सैकड़ों अर्जित अवकाश लैप्स हो गए हैं। इस अरसे में सगे ताया, भतीजी और न जाने कितने ही रिश्तेदारों का अकाल निधन हो गया लेकिन कर्म को पूजा मानने वाले एचआरटीसी के नाहन डिपो में कार्यरत कंडक्टर जोगिंद्र ठाकुर (42) ड्यूटी देने से पीछे नहीं हटते।

HRTC Conductor Joginder thakur Not Taken a Single Holiday in 11 Years Service.

जोगिंद्र सिंह का भरा-पूरा परिवार है। पत्नी, बेटा-बेटी, माता-पिता और अन्य सगे संबंधी भी हैं। परिस्थितियां चाहे जैसी भी हों, उनका अटल इरादा आज तक टस से मस नहीं हुआ। जिला सिरमौर के संगड़ाह के रजाणा निवासी जोगिंद्र ठाकुर चार जून 2005 को एचआरटीसी में बतौर कंडक्टर तैनात हुए। तब से वह नियमित ड्यूटी दे रहे हैं।

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HRTC Conductor Joginder thakur Not Taken a Single Holiday in 11 Years Service.

वह रोजाना 200 किलोमीटर का सफर तय करते हैं। वर्तमान में नाहन-घाटों रूट पर सेवाएं दे रहे हैं। हमेशा वर्दी में सेवाएं देते हैं। उनकी ईमानदारी और मधुर स्वभाव की सवारियां ही नहीं, निगम प्रबंधन भी कायल है। वह जिस भी रूट पर सेवाएं देते हैं, निगम की कमाई बढ़ना शुरू हो जाती है।

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HRTC Conductor Joginder thakur Not Taken a Single Holiday in 11 Years Service.

दुखद है कि आज तक की सेवा में सरकार और निगम की ओर से उन्हें कोई अवार्ड नहीं दिया गया। हां, इतना जरूर है कि बेकार रूट की इनकम बढ़ाने के लिए उन्हें मात्र 500 रुपये नकद इनाम और प्रशस्ति पत्र मिल चुका है। इससे पहले जोगिंद्र एक निजी बस में भी सेवाएं दे चुके हैं। यहां भी उन्होंने वर्षों तक छुट्टी नहीं ली।

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