पिछले चौबीस घंटे की बारिश ने हिमाचल प्रदेश के कई इलाकों में तबाही मचाई है। सोलन जिले में सरसा नदी की बाढ़ से तीन लोगों की मौत हो गई। नदी का पानी बरोटीवाला औद्योगिक क्षेत्र में घुस आया। पानी के तेज बहाव से एक दीवार ढहकर झुग्गी पर जा गिरी, जिसमें सो रहे दंपती और उनके चार साल के बच्चे की दबकर मौत हो गई। उधर, बिलासपुर में चट्टानें गिरने से चंडीगढ़-मनाली हाईवे तीन घंटे तक बंद रहा।
मंडी में भूस्खलन से नेरचौक-ऊना सुपर एक्सप्रेस हाईवे बंद हो गया है। चंबा में मूसलाधार बारिश के बाद नालों में आई बाढ़ से दो मवेशियों समेत उपजाऊ भूमि बह गई। तेज बारिश से कई मकान और गोशालाएं क्षतिग्रस्त हुई हैं। नदी-नालों के आसपास वाले इलाकों में बाढ़ का अलर्ट जारी किया गया है। उधर, खराब मौसम के चलते हवाई उड़ानें भी प्रभावित रहीं। रविवार को दिल्ली-भुंतर और भुंतर-चंडीगढ़ की उड़ानें नहीं हो सकीं।
जानकारी के अनुसार सोलन जिले में शनिवार से हो रही बारिश रात भर जारी रही। बरोटीवाला के पास से बहने वाली सरसा नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया। बाढ़ का पानी तटीय इलाके में घुस गया। नदी के तट से कुछ ऊंचाई पर पांच झुग्गियों में प्रवासी परिवार रह रहे हैं। चार झुग्गियों से लोगों ने बाढ़ का खतरा भांप भाग कर जान बचाई। लेकिन एक परिवार वहीं सोया रह गया। पानी के बहाव से औद्योगिक क्षेत्र में बनाई गई दीवार सुबह करीब साढ़े छह बजे भरभराकर गिर गई।
दीवार से बिल्कुल सटकर बनाई गई झुग्गी दीवार के मलबे में दब गई जिसमें सो रहे मध्यप्रदेश के छतरपुर निवासी राजू (32), उसकी 24 वर्षीय पत्नी और चार साल का बेटा राहुल चपेट में आ गए। बाद में लोगों ने तीनों को बाहर निकाला। प्राथमिक उपचार के बाद तीनों को पीजीआई रेफर कर दिया गया।
लेकिन पीजीआई ले जाते चार साल के राहुल ने दम तोड़ दिया। बाद में घायल दंपती की भी पीजीआई में इलाज के दौरान मौत हो गई। तहसीलदार मुकेश शर्मा ने बताया कि हादसे में तीन लोग मारे गए हैं। मृतकों के परिजनों को 20 हजार रुपये की फौरी राहत प्रदान की गई है। शवों को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंपा जाएगा। घटना की जांच की जा रही है।