हिमाचल में मूसलाधार बारिश जारी है। जनजातीय जिला लाहौल की मूरिंग पंचायत के गवाड़ी नाले में बादल फटने से मूरिंग-नैनगाहर सड़क का करीब 60 मीटर हिस्सा बाढ़ में बह गया। इसी पंचायत के मूनी नाला में भी बादल फटने से बाढ़ के कारण लोक निर्माण विभाग का 12 मीटर लंबा पुराना पुल बह गया है। उधर, किन्नौर जिले की भावावैली के सूरचो नाले में सोमवार रात बादल फटने से बाढ़ आ गई। सूरचो नाले में लकड़ी का पुल, लोहे का पुल और भावा खड्ड में एक पुल बह गया। बाढ़ से आए मलबे के कारण शांगो और बेई का श्मशानघाट भी मलबे में दब कर तहस-नहस हो गया है। नाले के पास बसे लोगों को दूसरी जगह शिफ्ट कर दिया गया है।
वीडियो: लाहौल-किन्नौर में तीन जगह फटे बादल, मौत के मुंह से बच निकला मछुआरा
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कुल्लू जिले केहनुमानीबाग के पास एक मछुआरा मछली पकड़ने के लिए सरवरी खड्ड में उतर गया। इस दौरान वह मछली पकड़ने में व्यस्त रहा और खड्ड का जलस्तर एकदम बढ़ गया। खड्ड में खुद को फंसता देख मछुआरे ने अग्निशमन विभाग को फोन कर मदद मांगी। मौके पर पहुंचे विभाग को मछुआरे को रेस्क्यू करने में आधा घंटे का समय लग गया। अग्निशमन विभाग अधिकारी कुल्लू दुर्गा सिंह ने कहा कि सरवरी का खड्ड का जलस्तर पूरे उफान पर था। ओम प्रकाश (45) निवासी सरवरी को निकालने में विभाग को आधा घंटे का समय लग गया। अगली सलाइड में देखें दूसरा वीडियो
उधर, चंबा जिले में हड़सर-धनछौ मार्ग पर दुनाली के पास एकाएक मलबा गिरने से चौबिया के 25 वर्षीय युवक की दबकर मौत हो गई। चुवाड़ी-नुरपूर मार्ग पर कालीघार से 100 मीटर आगे पत्थर गिरने से राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला ककीरा में तैनात प्रधानाचार्य की गाड़ी क्षतिग्रस्त हो गई। गाड़ी में सवार प्रधानाचार्य के सिर पर चोट लगी है। जिले में 38 मार्ग बंद हो गए हैं। शिमला-नेरवा मुख्य मार्ग दीवार गिरने से बंद हो गया है। उक्त दीवार का निर्माण कार्य दस महीने पहले ही लोक निर्माण विभाग ने एक करोड़ बजट खर्च कर करवाया था।
खराब मौसम के चलते प्रदेश में हवाई उड़ानें नहीं हो सकीं। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को भी धर्मशाला से शिमला सड़क मार्ग से आना पड़ा। जिला कुल्लू में पुलगा नाले का जलस्तर बढ़ने से एक पैदल पुल बह गया है। बारिश से हो रहे भूस्खलन व सड़कों के दलदल होने से निगम ने करीब एक दर्जन से अधिक रूटों पर निगम की बसों को गंतव्य तक नहीं भेजा है। राजधानी शिमला सहित प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों में रिमझिम बारिश होने का दौर चला।
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने 10 और 11 अगस्त को प्रदेश के मैदानी क्षेत्रों ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, कांगड़ा और मध्य पर्वतीय क्षेत्रों शिमला, सोलन, सिरमौर, मंडी, कुल्लू और चंबा के कुछ क्षेत्रों में भारी बारिश होने की चेतावनी जारी की है।