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हिमाचल: डेंटल डॉक्टरों और फैकल्टी की सेवानिवृत्ति अब 31 मार्च को 2027 को होगी, अधिसूचना जारी
Sat, 29 Aug 2026 07:02 PM IST
Krishan Singh
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
Published by: Krishan Singh
Updated Sat, 29 Aug 2026 07:02 PM IST
सार
31 मार्च 2027 से पहले सेवानिवृत्त होने वाले डेंटल हेल्थ सर्विसेज के मेडिकल अधिकारियों और डेंटल हेल्थ एजुकेशन के फैकल्टी सदस्यों को अब 31 मार्च 2027 को ही सेवानिवृत्त किया जाएगा।
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डाॅक्टर( सांकेतिक)
- फोटो : Freepik
विस्तार
हिमाचल प्रदेश के डेंटल स्वास्थ्य सेवाएं दे रहे मेडिकल अधिकारियों और दंत स्वास्थ्य शिक्षा के फैकल्टी सदस्यों को भी सरकार ने राहत दी है। 31 मार्च 2027 से पहले सेवानिवृत्त होने वाले डेंटल हेल्थ सर्विसेज के मेडिकल अधिकारियों और दंत स्वास्थ्य शिक्षा के फैकल्टी सदस्यों को अब 31 मार्च 2027 को ही सेवानिवृत्त किया जाएगा। सरकार ने जनहित में फंडामेंटल रूल-56 में संशोधन कर यह व्यवस्था लागू की है। डेंटल सर्विसेज के इन अधिकारियों के एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू से विधानसभा परिसर में वीरवार को भेंट कर यह मामला उठाया था।
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वित्त विभाग की ओर से 29 अगस्त को जारी अधिसूचना में कहा गया है कि दंत स्वास्थ्य सेवाएं के सभी मेडिकल अधिकारी और हिमाचल प्रदेश में दंत स्वास्थ्य शिक्षा के सभी फैकल्टी सदस्य, जिनकी सेवानिवृत्ति 31 मार्च 2027 से पहले होनी है, वे जनहित में 31 मार्च 2027 को सरकारी सेवा से सेवानिवृत्त होंगे। इससे ऐसे अधिकारियों और फैकल्टी सदस्यों को अगले साल मार्च तक सेवा में बने रहने का अवसर मिलेगा।
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स्वास्थ्य सेवाएं और स्वास्थ्य शिक्षा निदेशालय के अधीन आने वाले डॉक्टरों की सेवानिवृत्ति 31 मार्च 2027 तक किए जाने का प्रावधान पहले ही किया जा चुका है। डेंटल कॉलेजों के डॉक्टर और फैकल्टी इस व्यवस्था से बाहर रह गए थे। डेंटल कॉलेज की एसोसिएशन ने पिछले दिनों मुख्यमंत्री से मुलाकात कर यह मामला उठाया था। इसके बाद सरकार ने फंडामेंटल रूल-56 में संशोधन कर डेंटल क्षेत्र के अधिकारियों और फैकल्टी को भी इसके दायरे में ला दिया है। अधिसूचना के अनुसार राज्य सरकार ने संविधान के अनुच्छेद 309 के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए और हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग के परामर्श से नियम में संशोधन किया है।
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