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पीटीए शिक्षकों के नियमितीकरण पर ट्रिब्यूनल ने दिए ये आदेश

Mon, 01 Oct 2018 09:01 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला Updated Mon, 01 Oct 2018 09:01 AM IST
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Himachal Tribunal Judgement in PTA regularization case

अनुबंध पर कार्यरत 5107 पीटीए शिक्षकों को निर्धारित अवधि यानी अनुबंध के तीन साल पूरा करने वालों को नियमित करने के मामले में प्रदेश प्रशासनिक ट्रिब्यूनल ने राज्य सरकार को दो माह के भीतर निर्णय लेने के आदेश दिए हैं। 

Himachal Tribunal Judgement in PTA regularization case

हालांकि, ट्रिब्यूनल ने ये भी स्पष्ट किया है कि नियमितीकरण सुप्रीम कोर्ट के समक्ष लंबित मामलों के निर्णय पर निर्भर करेगा। नियमितीकरण के अलावा पीटीए शिक्षकों के मामले में सर्वोच्च अदालत से राय लेने का भी विकल्प राज्य सरकार के लिए खुला छोड़ा है। प्रशासनिक ट्रिब्यूनल के अध्यक्ष न्यायाधीश वीके शर्मा ने कुछ पीटीए अध्यापकों की ओर से दायर याचिकाओं की सुनवाई के दौरान ये आदेश दिए हैं।

Himachal Tribunal Judgement in PTA regularization case

हिमाचल में 5107 पीटीए शिक्षक अनुबंध के आधार पर नियुक्त हैं, जबकि 1400 अभी अनुबंध पर भी नहीं आ पाए हैं। हालांकि, इन शिक्षकों को सरकार अनुबंध शिक्षकों के बराबर वेतन और अन्य सुविधाएं दे रही है।

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Himachal Tribunal Judgement in PTA regularization case

प्रशासनिक ट्रिब्यूनल में दायर याचिका में अनुबंध पीटीए शिक्षक संघ ने तर्क दिया है कि अस्थायी शिक्षकों को लेकर मुख्य याचिकाकर्ता पंकज कुमार ने सुप्रीम कोर्ट से अपना केस वापस ले लिया है। याचिकाकर्ता ने पीटीए अध्यापकों को अनुबंध पर लाने की नीति के खिलाफ  साल 2013 में सबसे पहले हाईकोर्ट में चुनौती दी थी।

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Himachal Tribunal Judgement in PTA regularization case

याचिका में आरोप लगाया था कि प्रदेश में चहेतों को नौकरी दी गई, जबकि पात्र शिक्षक बाहर कर दिए गए। हाईकोर्ट की खंडपीठ ने एकल पीठ का निर्णय रद्द करते हुए वर्ष 2014 में अस्थायी शिक्षकों के हक में फैसला सुनाया था। सरकार ने इसके बाद इनके लिए पॉलिसी तैयार कर दी थी। पंकज कुमार के मामले को आधार बनाकर पीटीए अनुबंध शिक्षक संघ ने ट्रिब्यूनल में शिक्षकों को नियमित करने की गुहार लगाई है।

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