बस किराये में 25 फीसदी बढ़ोतरी और न्यूनतम भाड़ा सात रुपये करने से हिमाचल में सरकार का चौतरफा विरोध शुरू हो गया है। विपक्ष भाजपा सरकार के इस फैसले का विरोध कर सड़क पर उतर आया है। जनता में भी सरकार के इस फैसले के खासी नाराजगी है। सभी एक आवाज से किराया वृद्धि वापस लेने की मांग कर रहे हैं। नेता प्रतिपक्ष एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मुकेश अग्निहोत्री ने कहा की कोरोना के इस दौर में जयराम सरकार ने प्रदेश की जनता पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाला है। पहले डिपुओं में राशन महंगा किया। उसके बाद बिजली और अब किराये में भारी वृद्धि की है। अगर सरकार ने इस फैसले को वापस नहीं लिया तो जनता चुप नहीं बैठेगी। वहीं, माकपा भी किराया बढ़ोतरी के फैसले पर लाल हो गई है। पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मेयर संजय चौहान के कहा कि प्रदेश में इस फैसले का विरोध होगा। माकपा सड़कों पर उतरेगी। उन्होंने सरकार को चेतावनी दी है कि वह इस जनविरोधी फैसले को वापस ले।
प्रदेश कांग्रेस ने मंगलवार को बस किराये में वृद्धि का विरोध किया और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने राजीव भवन से पुराना बस स्टैंड तक एचआरटीसी के प्रबंध निदेशक के दफ्तर तक जुलूस निकाला। इसके बाद कांग्रेस की तरफ से बस भाड़े में वृद्धि को तुरंत वापस लेने की मांग को लेकर सीएम जयराम ठाकुर को ज्ञापन भेजा गया। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कुलदीप राठौर ने कहा कि 23 जुलाई को सभी जिला मुख्यालयों में धरना-प्रदर्शन करेंगे। किराया वृद्धि वापस नहीं ली तो कांग्रेस आम जन के साथ किसी बड़े आंदोलन से भी पीछे नहीं हटेगी। राठौर ने कहा कि यह निर्णय पूरी तरह जनविरोधी है और जनहित में इसे तुरंत वापस लिया जाना चाहिए।
जयराम सरकार ने ढाई साल के कार्यकाल में दो बार बस किराए में 50 प्रतिशत वृद्धि का बोझ डाला है। कोरोना जैसी आपदा के समय केंद्र की सरकार हो या प्रदेश की दोनों ही देश प्रदेश के लोगों को लूटने का काम कर रही हैं। केंद्र ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेल के मूल्यों में भारी कमी के बावजूद देश में पेट्रोल, डीजल के मूल्यों में बढ़ोतरी की है। प्रदेश सरकार ने बस किरायों में वृद्धि कर लोगों को महंगाई की आग में झोंक दिया है। सरकार ने न तो कर्मचारियों को ही कोई राहत दी है और न ही आम लोगों को। किसानों, बागवानों की पूरी तरह अनदेखी की जा रही है। राठौर ने कहा कि प्रधानमंत्री कोविड केयर फंड में पैसा इकट्ठा किया जा रहा है। यह पैसा कहां खर्च किया जा रहा है।
बस किराए में बढ़ोतरी के खिलाफ युवा कांग्रेस ने पांवटा में धरना-प्रदर्शन किया। प्रदेश सरकार व मुख्यमंत्री के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। युकां प्रदेशाध्यक्ष मनीष ठाकुर ने चेतावनी दी है कि सरकार इस फैसले को तुरंत वापस ले। एसडीएम पांवटा एलआर वर्मा के माध्यम से युकां ने राज्यपाल को ज्ञापन भी भेजा है। मंगलवार को बारिश के बावजूद लोनिवि के पांवटा विश्राम गृह के समीप युकां प्रदेशाध्यक्ष मनीष ठाकुर के नेतृत्व में दर्जनों कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया।
वहीं, सीटू ने बस किराया वृद्धि के निर्णय के खिलाफ डीसी कार्यालय शिमला के बाहर प्रदर्शन किया। सीटू ने प्रदेश सरकार को चेताया है कि अगर बस किराया वृद्धि को वापस न लिया गया तो सीटू जनता व मजदूर वर्ग को साथ लेकर प्रदेशव्यापी आंदोलन शुरू करेगा। इस जनविरोधी निर्णय का ब्लॉक व जिला मुख्यालय स्तर पर विरोध करेगा। प्रदर्शन में विजेंद्र मेहरा, बाबू राम, किशोरी ढटवालिया, बालक राम, हिमी देवी, विवेक कश्यप, रामप्रकाश,विरेंद्र ,नोख राम, सुरेंद्र बिट्टू, राकेश सलमान, दलीप, मदन, हनी, भूपेंद्र, पंकज, राकेश,बसंत,दर्शन, अमित, गौरव, ओमप्रकाश मौजूद रहे।