हिमाचल कैबिनेट ने कर्मचारियों को बड़ा तोहफा दिया है। शुक्रवार को सीएम जयराम ठाकुर की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट की बैठक में कई बड़े फैसले लिए गए।
मंत्रिमंडल ने कर्मचारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए बड़ा फैसला लिया है। बजट घोषणा के अनुरूप मंत्रिमंडल ने सेवाकाल के दौरान जिन सरकारी कर्मचारियों की मृत्यु हो जाती है उनके आश्रितों को करुणामूलक आधार पर रोजगार प्रदान करने के लिए नीति को सरल बनाने का निर्णय लिया गया ताकि अधिक से अधिक कर्मचारियों को लाभान्वित किया जा सके।
इसके तहत कर्मचारी की 50 वर्ष तक की आयु सीमा की शर्त को समाप्त कर दिया गया है और अब मृतक कर्मचारी की सेवानिवृत्ति आयु को करूणामूलक आधार पर रोजगार देने के लिए आयु सीमा माना जाएगा। साथ ही आय सीमा के मानदंड को भी दो लाख रुपये प्रति वर्ष किया गया है।
मंत्रिमंडल ने जिला सिरमौर और इसके आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों में काम कर रहे कामगारों की चिकित्सा सुविधा देने के लिए तहसील नाहन के खेरी गांव में 16.11 बीघा जमीन ईएएसआईसी को देने की मंजूरी दी गई है। उद्योग विभाग की यह जमीन सरकार ने 95 वर्ष के पट्टे पर दी है। इसकी एवज में ईएसआईसी सरकार को 1 रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से पट्टा राशि जमा कराएगी।
बैठक में राज्य की हाइड्रो पॉवर नीति में कुछ संशोधन करने का निर्णय लिया गया ताकि इसे पांच मेगावाट से कम परियोजनाओं वाले स्वतंत्र ऊर्जा उत्पादकों के लिए और आकर्षक बनाया जा सके।