मार्च के महीने में पहाड़ों पर एक बार फिर बर्फबारी का सिलसिला शुरू हो गया है। मनाली के बाद अब शिमला में बर्फ की सफेद चादर बिछ गई है। ताजा बर्फबारी के बाद शीतलहर एक बार फिर बढ़ गई है।
मनाली, कल्पा, केलांग में बर्फबारी के बाद बुधवार को शिमला के कुफरी और नारकंडा में भी मार्च महीने में पहला हिमपात हुआ। जाखू में बर्फ के फाहे गिरे तो कुल्लू के जलोड़ी जोत में भी हल्की बर्फबारी हुई है।
किन्नौर जिले के ऊंचे क्षेत्रों में 30, रोहतांग दर्रा में 35, कोकसर में 15 और केलांग में 10 सेंटीमीटर तक ताजा बर्फबारी दर्ज की गई है। हिमपात और प्रदेश के कई इलाकों में बारिश से अधिकतम तापमान चार डिग्री तक लुढ़क गया है।
इससे एक बार फिर समूचा प्रदेश ठंड की चपेट में आ गया है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने 12 मार्च तक बारिश और बर्फबारी का पूर्वानुमान जताया है। नौ और दस मार्च को प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों में ओलावृष्टि और अंधड़ की चेतावनी जारी की गई है।
ताजा बर्फबारी से कुल्लू जिला में करीब 15 बस रूट प्रभावित हुए हैं। औट-बंजार-सैंज नेशनल हाईवे-305 वाहनों की आवाजाही के लिए बंद हो गया है। जनजातीय क्षेत्र लाहौल घाटी के कई इलाकों में बर्फबारी से बिजली और दूरसंचार सेवा ठप हो गई है। भुंतर से पांगी-किलाड़ को होने वाली हेलीकॉप्टर की तीनों उड़ानें भी नहीं हो सकी हैं।