शिमला शहर में कसुम्पटी के कई इलाकों में हुडदंगियों ने दर्जनों गाड़ियों के शीशे तोड़ डाले। शिकायत के बावजूद पुलिस नहीं आई और बेखौफ बदमाश एक के बाद एक दर्जनों गाड़ियों के शीशे फोड़ते रहे। छोटी गाड़ियों के अलावा एक बस को भी काफी नुकसान पहुंचाया गया है। हुड़दंगियों की संख्या छह से सात बताई जा रही है।
गाड़ियों के शीशे तोड़ते समय कई गाड़ियों के सायरन बजे तब लोग नींद से जागे। इस बारे में पुलिस चौकी कसुम्पटी और 100 नंबर पर भी जागरूक नागरिक की ओर से कॉल किया गया लेकिन स्मार्ट पुलिस ने इन हुड़दंगियों को पकड़ने में कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई। दो बार कॉल करने के बावजूद पुलिस मौके पर नहीं पहुंची लिहाजा हुडदंगी बेखौफ गाड़ियों के शीशे तोड़ते रहे।
स्थानीय लोगों का कहना है कि पुलिस सोमवार सुबह करीब दस बजे मौके पर पहुंची और छानबीन शुरू की। रात करीब बारह बजे के बाद हुड़दंगियों ने कसुम्पटी इलाके में कहर बरपाना शुरू किया। तब तक अधिकांश लोग घरों में गहरी नींद सो रहे थे। आरोपी गाड़ियों के शीशे तोड़ रहे थे इसी दौरान कुछ कारों के थेफ्ट अलार्म भी बजे जिस पर लोग बाहर आए। बाहर गाड़ियों के शीशे टूटे हुए थे।
एक जागरूक नागरिक ने बताया कि पहला फोन पुलिस को करीब रात डेढ़ बजे किया सूचना देने के बावजूद पुलिस मौके पर नहीं पहुंची। जब हुड़दंगी शांत नहीं हुए तो दूसरा कॉल पुलिस को करीब रात 2.11 बजे स्मार्ट पुलिस को किया गया लेकिन तब भी कोई रिस्पांस नहीं हुआ। पुलिस अगर सूचना मिलने के बाद मामले को गंभीरता से लेती तो पंथाघाटी, परिमहल , पुलिस कालोनी और रानी ग्राउंड में दर्जनों गाड़ियों के शीशे नहीं टूटते।
एक निजी बस के भी शीशे टूटे हैं। इसकी शिकायत थाना छोटा शिमला में की गई है। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है। एसपी शिमला डी डब्ल्यू नेगी ने कहा कि इस मामले में देर शाम एक आरोपी को पकड़ा गया है। आरोपी कृष्णानगर का रहने वाला है। दूसरे आरोपियों की तलाश जारी है। मुकदमा दर्ज कर छानबीन की जा रही है। आरोपियों ने करीब तीस गाड़ियों से तोड़फोड़ की है।