विवादित बाबा अमरदेव को पूछताछ के लिए सीआईडी टीम रामलोक मंदिर ले गई लेकिन बाबा मंदिर के भीतर नहीं गए। मामला हिमाचल के सोलन जिले का है। यहां 26 अप्रैल को हुई मारपीट की घटना को दोहराया गया। टीम ने बाबा से उस दिन हुई घटना से जुड़े सभी पहलुओं पर सवाल किए। टीम बाबा को रामलोक मंदिर के भीतर ले जाना चाहती थी, लेकिन वे इसके लिए तैयार नहीं हुए।
उन्होंने मंदिर के मुख्य द्वार पर खड़ा होकर ही सभी प्रश्नों के उत्तर देने चाहे। इसके बाद सीआईडी के अधिकारी उन्हें पास खड़ी गाड़ी में ले गए। यहां बंद गाड़ी में करीब एक घंटा पूछताछ चलती रही। सीआईडी ने मारपीट के अलावा इस प्रकरण से जुड़े सभी तथ्यों की बारीकी से छानबीन की।
किसी भी तरह की अप्रिय घटना से निपटने को भारी पुलिस बल तैनात था। पूछताछ शांतिपूर्वक माहौल में हुई। बाद में पुलिस ने कुछ ग्रामीणों को बाबा से मिलने की इजाजत भी दी। सूत्रों के अनुसार बाबा ने पूछताछ में सभी बातों का खुलासा किया है, लेकिन सीआईडी को अपना स्थायी पता नहीं बताया।
सीआईडी के अधिकारी बाबा से उनके स्थायी पते के बारे में पूछते रहे, लेकिन बाबा ने इससे साफ इंकार कर दिया। बाबा को मारपीट के मामले में शनिवार को कोर्ट में पेश किया जाना है। यहां बाबा नियमित रूप से जमानत, जबकि सीआईडी पूछताछ के लिए और वक्त की मांग कर सकती है। उधर, आईजी जहूर जैदी ने बताया कि सीआईडी मामले से जुड़े सभी पहलुओं पर पूछताछ कर रही है। शनिवार को बाबा को कोर्ट में पेश किया जाएगा।
रामलोक मंदिर में बाबा अमरदेव और ग्रामीण महिला के बीच 26 अप्रैल को मारपीट हुई थी। इसके बाद बाबा का आईजीएमसी शिमला और उसके बाद दिल्ली में उपचार चला। बाबा ने केस में अग्रिम जमानत ले रखी थी। इसकी अवधि एक जून को खत्म हो रही थी। बाबा एक जून को कोर्ट में पेश हुए और कोर्ट ने बाबा को दो दिन की मोहलत और सीआईडी को पूछताछ का समय दे दिया। इसकी अवधि शनिवार को खत्म हो रही है।