हिमाचल सरकार ने लोगों को आवश्यक वस्तुओं की खरीद की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए गुरुवार को लिए गए कर्फ्यू में छह घंटे की छूट के फैसले को 24 घंटे में पलट दिया। शुक्रवार को सरकार ने फैसला लिया है कि अब हर जिले में सिर्फ तीन घंटे की ढील होगी और इसे हर जिले के उपायुक्त स्थानीय परिस्थितियां देखते हुए तय करेंगे। लोग ढील का दुरुपयोग कर रहे थे, इसलिए सरकार ने ढील का समय कम किया है।
इसके अलावा शराब ठेके खोलने के दिए अपने ही फैसले को भी सरकार ने पलट दिया। गुरुवार रात को ही सरकार ने शराब ठेके बंद रखने का फैसला ले लिया।कोरोना वायरस को लेकर लगाए कर्फ्यू की समीक्षा के लिए मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने सभी उपायुक्तों से वीडियो कांफ्रेंसिंग कर इस फैसले का एलान किया।
मुख्यमंत्री ने उपायुक्तों से कहा कि वे आवश्यक वस्तुओं की होम डिलीवरी के लिए ठोस प्रयास करें ताकि लोग अपने घर से दैनिक जरूरतों की वस्तुओं को प्राप्त करने के लिए बाहर न निकलें। उपायुक्तों को शहरी क्षेत्रों में मेगा मार्ट, बिग बाजार और अन्य विक्रेताओं के माध्यम से होम डिलीवरी सुनिश्चित करने के लिए तंत्र विकसित करना चाहिए।
ग्रामीण क्षेत्रों में पंचायती राज संस्थान आवश्यक वस्तुओं की होम डिलीवरी कर सकते हैं। उन्होंने स्वयंसेवकों से इसमें सहयोग के लिए कहा। उन्होंने दुग्ध संघ और कामधेनु को शहरी क्षेत्रों में उचित आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए कहा। साथ ही स्ट्रीट वेंडर्स के लिए भी स्थानों की पहचान करने को कहा
उद्योगों में लगे मजदूरों के लिए हो आश्रय की व्यवस्था
बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि यह भी सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी व्यक्ति बिना भोजन के न रहे और शहरी क्षेत्रों में मजदूरों को आश्रय प्रदान किया जाए। वहीं, स्वास्थ्य विभाग ने शुक्रवार को प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से 19 कोरोना संदिग्ध लोगों के सैंपल लिए, जो निगेटिव निकले। अब तक कोरोना प्रभावित देशों से हिमाचल में 2404 लोग पहुंचे है। इनमें से 1476 लोगों को ऑब्जर्वेशन पर रखा है।