ऑरेंज अलर्ट के बीच शुक्रवार को प्रदेश के ऊंचाई वाले क्षेत्र फिर बर्फ से लकदक हो गए हैं। रोहतांग, मनाली-लाहौल की चोटियों के अलावा चंबा और किन्नौर के उच्च पर्वतीय इलाकों में एक फीट से ज्यादा बर्फबारी रिकॉर्ड की गई है। राजधानी शिमला, मनाली समेत निचले इलाकों में बारिश से फिर ठंड बढ़ गई है। कुल्लू, चंबा, किन्नौर और लाहौल स्पीति में ताजा बर्फबारी के चलते छोटी-बड़ी 50 सड़कों पर वाहनों की आवाजाही बाधित हो गई है।
रोहतांग समेत ऊंची चोटियां फिर बर्फ से लकदक, शिमला में बारिश
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शनिवार को भी प्रदेश के कई क्षेत्रों में बारिश और बर्फबारी का पूर्वानुमान है। दो अप्रैल तक पूरे प्रदेश में मौसम खराब बने रहने के आसार हैं। राजधानी शिमला में सुबह बारिश, तेज हवाएं और उसके बाद दिनभर बादल छाए रहे। कोरोना वायरस के चलते कर्फ्यू के चलते मनाली के स्नो प्वाइंट बर्फबारी के बावजूद सूने हैं। मनाली और लाहौल की तरफ से रोहतांग बहाली में जुटे बीआरओ का बर्फ हटाओ अभियान भी प्रभावित हो रहा है।
वीरवार रात से हो बर्फबारी के कारण शुक्रवार को सीमा सड़क संगठन ने अपने अभियान को रोक दिया। मौसम के लगातार बदलते तेवर से किसान-बागवान भी अपनी फसलों को लेकर चिंतित हो गए हैं। खास कर गुठलीधार फलों के लिए ठंड नुकसानदायक है। इससे बागवानी विशेषज्ञों की चिंता बढ़ गई हे। सेब के लिए मौसम को अच्छा माना जा रहा है।
क्षेत्र बर्फबारी (सेमी में)
रोहतांग दर्रा 40
कल्पा 30
मढ़ी 25
कोकसर 20
केलांग 12
क्षेत्र न्यूनतम तापमान
केलांग - 0.5
कल्पा 2.0
कुफरी 2.9
मनाली 4.8
शिमला 7.1