मेले में एकाएक हड़कंप मच गया जब भैंसे बिगड़ गए। इसके बाद सबका नंबर आया और मेले में अफरातफरी मच गई। कोई मेरी बेटी को बचाओ, चिल्लाती रही मां। शिमला के मशोबरा में हुए सायर मेले में भैंसों की लड़ाई के दौरान यह सब हुआ।
सुप्रीम कोर्ट की रोक के बावजूद शिमला के मशोबरा में हुए सायर मेले में झोटों की लड़ाई करवाई गई। जिला प्रशासन की चेतावनी के बावजूद मेला कमेटी ने आयोजन करवाया। कुसुम्पटी से कांग्रेस विधायक अनिरुद्ध सिंह ने भी बेजुबान जानवरों की लड़ाई का खूब आनंद लिया। हजारों की भीड़ जुटी हुई थी। अमर उजाला के फोटोग्राफर नरेश भारद्वाज सायर उत्सव के दौरान जब भैंसों की लड़ाई के फोटो लेने लगे तो मेला कमेटी के लोगों ने पहले उन्हें धमकाया और फिर मारपीट करने पर उतारू हो गए। कसुम्पटी के विधायक अनिरुद्ध सिंह की मौजूदगी में यह सब हुआ। बाद में उन्होंने इसके लिए मीडिया से माफी मांगी।
पहले तो मनोरंजन होता रहा, लेकिन एकाएक झोटे बेकाबू हो गए भीड़ में घुस गए। भगदड़ मच गई। इसमें एक दर्जन लोग चोटिल हो गए। एक झोटे ने रस्सी पकड़े युवक को पटक-पटक कर फेंका। उसके पैर में रस्सी भी फंस गई थी। कड़ी मशक्कत से उसे बचाया गया। इसके बाद झोटा भीड़ में घुस गया। महिलाएं, बुजुर्ग और बच्चे इधर-उधर भागते रहे।
मेला आयोजकों ने डंडों के सहारे मात्र एक रस्सी का घेरा बनाया था जो सुरक्षा पर सवाल उठा रहा है। जिला प्रशासन को इस मेले के आयोजन की पहले से सूचना थी, बावजूद इसके मेले में पुलिस तक की व्यवस्था नहीं की गई थी। सूत्र बताते हैं कि लड़ाई से पहले झोटों को शराब पिलाई जाती है।
कोई मेरी बेटी को बचाओ, चिल्लाती रही मां- मशोबरा के तलाई मैदान में झोटों की लड़ाई के दौरान बेकाबू झोटा लोगों की भीड़ की तरफ भाग गया। भीड़ की तरफ भागते हुए लोगों में भगदड़ मच गई। एक मां ने जब देखा की उसकी बेटी झोटे की चपेट में आने वाली है तो वह जोर जोर से चिल्लाने लगी कोई मेरी बेटी को बचाओ झोटा उसे मार देगा।