हिमाचल में बर्फबारी बंद होने के चार दिन बाद भले ही दिनभर धूप खिली हो लेकिन लोगों की दुश्वारियां कम नहीं हो सकी हैं। राजधानी शिमला समेत सूबे के अधिकतर इलाकों में सैकड़ों सड़कों पर यातायात बहाल नहीं हो पाया है।
राजधानी के कई इलाकों में तीन दिन बाद भी ब्लैकआउट रहा। पानी की आपूर्ति ठप है। दुर्गम इलाकों में रेफर मरीज फंसे हुए हैं। मुख्य मार्गों से बर्फ हटाई जा रही है, लेकिन सड़कों पर पैदल चलना मुश्किल हो रहा है। पहाड़ों की रानी शिमला समेत सूबे के कई इलाकों में पारा शून्य से नीचे चला गया है। लोग घरों में दुबकने को मजबूर हैं। सैलानी परेशान होकर वापस लौट रहे हैं।
प्रदेश में सोमवार को भी कई रूटों पर एचआरटीसी की 500 से ज्यादा बसें सड़कों पर ही फंसी रहीं। राजधानी शिमला में सोमवार सुबह बर्फ जमने के चलते लोगों को ऑफिस पहुंचने में परेशानी हुई। सर्कुलर रोड पर बस सेवा ठप रही। सचिवालय जाने वाले लोग फिसलते-लुढ़कते पहुंचे। ऊपरी शिमला का भी राजधानी से संपर्क कटा रहा। एनएच पांच शिमला-रामपुर-रिकांगपिओ से वाहनों की आवाजाही नहीं हो सकी।
रामपुर के लिए एचआरटीसी ने ट्रायल के तौर पर कुछ बसें वैकल्पिक मार्ग धामी से भेजीं। उधर, कुल्लू में बर्फबारी से जिला मुख्यालय, सैंज, बंजार, आनी व निरमंड के दर्जनों गांवों में अंधेरा पसरा हुआ है। जिले में आईपीएच की 114 स्कीमें क्षतिग्रस्त हो गई हैं। 150 ट्रांसफार्मर जवाब दे गए हैं। 55 सड़कों पर अभी यातायात बहाल नहीं हुआ है। राहत यह है कि मनाली शहर में बिजली बहाल हो गई है।
कांगड़ा के दुर्गम क्षेत्र छोटा भंगाल की मुल्थान तहसील की सभी 7 पंचायतों में चार दिन से बिजली बंद है। लोग बर्फ पिघला कर पानी पी रहे हैं। मोबाइल और दूरसंचार व्यवस्था ठप है। सड़कें बंद हैं। चंबा के पांगी-भरमौर क्षेत्र अभी भी कटे हुए हैं। शिमला और चंबा के तेलका के बाद बर्फबारी और ठंड से दो और की जान चली गई है। सोलन के कंडाघाट-चायल मार्ग पर रविवार शाम वर्षा शालिका में एक अज्ञात व्यक्ति की ठंड लगने से मौत हो गई है। पुलिस को जैसे ही सूचना मिली तो उसे अस्पताल में दाखिल करवाया, जहां उसे उपचार के दौरान मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों ने मौत का कारण ठंड लगना बताया। उधर, कुल्लू के 10281 फुट ऊंचे जलोड़ी दर्रे को पार करते समय एक राहगीर की पांच फीट बर्फ में मौत हो गई है। मृतक की शिनाख्त नहीं हो पाई है। पुलिस अधीक्षक कुल्लू पदम चंद ने इसकी पुष्टि की है।