युवाओं के पास सेना में भर्ती होने का मौका है। ऊना के इंदिरा गांधी खेल मैदान में 17 मार्च से छह अप्रैल तक भर्ती रैली होने जा रही है। हमीरपुर, बिलासपुर और ऊना के पुरुष उम्मीदवारों के लिए सैनिक सामान्य ड्यूटी और सैनिक लिपिक/एसकेटी के पदों के लिए भर्ती होगी। भर्ती निदेशक सेना भर्ती कार्यालय हमीरपुर संजीव कुमार ने बताया कि जिन उम्मीदवारों ने www.joinindianarmy.nic.in वेबसाइट के माध्यम से 13 फरवरी 2021 तक ऑनलाइन पंजीकरण करवाया है। उन्हीं उम्मीदवारों को एडमिट कार्ड जारी किया जाएगा।
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सेना भर्ती (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
हिमाचल प्रदेश, यूटी चंडीगढ़ और हरियाणा (जिला गुड़गांव, मेवात, पलवल और फरीदाबाद को छोड़कर) जिन पुरुष उम्मीदवारों ने जूनियर कमीशन अधिकारी (धार्मिक शिक्षक/जेसीओ आरटी) और सिपाही फार्मा के लिए ऑनलाइन पंजीकरण किया है, उन उम्मीदवारों को ही एडमिट कार्ड जारी किए जाएंगे। इसके अलावा शिमला, सोलन, किन्नौर और सिरमौर के उम्मीदवारों की भर्ती 28 मार्च से शुरू हो जाएगी।
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सेना भर्ती (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
उन्होंने बताया कि रैली के लिए एडमिट कार्ड उम्मीदवारों के ई-मेल के माध्यम से पांच मार्च को भेजे जाएंगे। उम्मीदवार एडमिट कार्ड पर दर्शाई गई तिथि, समय व स्थान पर पहुंचना सुनिश्चित करें। मूल दस्तावेजों के अलावा दो अतिरिक्त छाया प्रतियां लाना जरूरी होगा। अगर कोई भी उम्मीदवार किसी भी प्रमाण पत्र को लाने में विफल रहता है तो वह दस्तावेज जांच में अयोग्य घोषित कर दिया जाएगा।
भर्ती निदेशक सेना भर्ती कार्यालय हमीरपुर ने उम्मीदवारों को दलालों से बचने की सलाह दी है। दवाओं के उपयोग से बचने की सलाह देते हुए कहा कि सेना में भर्ती फ्री सेवा है। सेना भर्ती की प्रक्रिया कंप्यूटर से की जाती है। यह पारदर्शी है, दलालों के चक्कर में न पड़ें। उम्मीदवार अपने साथ पैकड ब्रेकफास्ट, लंच और पीने का पानी ला सकते हैं। मोबाइल फोन लाना वर्जित है।
ओपन स्कूल से मैट्रिक पास करने वाले अभ्यर्थियों के लिए अच्छी खबर है। ये युवा अब सेना भर्ती में भी हिस्सा ले सकेंगे। 17 मार्च से ऊना के इंदिरा गांधी खेल मैदान ऊना में सेना भर्ती रैली होने जा रही है। ऐसे उम्मीदवार जिनके पास मुक्त विद्यालय के प्रमाण पत्र हैं, वे भी भर्ती रैली में भाग ले सकेंगे। रक्षा मंत्रालय के एकीकृत मुख्यालय की नीति के अनुसार जिन उम्मीदवारों ने मुक्त विद्यालय से मैट्रिक की परीक्षा पास की है, उन्हें आखिरी नियमित विद्यालय से स्कूल लीविंग सर्टिफिकेट लाना होगा, जिस पर प्रधानाचार्य के हस्ताक्षर हों। यह बीईओ/डीईओ/ उप-निदेशक (शिक्षा) की ओर से प्रतिहस्ताक्षरित किए होने चाहिए।