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पंजाब में किसान आंदोलन के समर्थन में पंचायतों के फरमानों का दौर जारी, अब आए ये नए आदेश
Mon, 01 Feb 2021 02:57 PM IST
निवेदिता वर्मा
संवाद न्यूज एजेंसी, मोगा (पंजाब)
संवाद न्यूज एजेंसी, मोगा (पंजाब)
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Mon, 01 Feb 2021 02:57 PM IST
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मोगा के गांव साफूवाला की पंचायत।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पंजाब से किसान आंदोलन के समर्थन में पंचायतों के फरमानों का दौर जारी है। कुछ दिन पहले बठिंडा के गांव विर्क खुर्द सहित रामपुरा के कराड़वाला, मानसा के नंगलकलां, बरनाला के ढिलवां में पंचायत ने प्रस्ताव पास किया था, कि आंदोलन में न जाने वाले से 1500 रुपये जुर्माना वसूला जाएगा। अब मोगा के गांव डगरू, साफूवाला और गांव दौधर की पंचायत ने किसान आंदोलन को समर्थन देने के लिए नए आदेश दिए हैं।
पंचायतों की तरफ से जारी आदेश
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पंचायत में फैसला लिया गया है कि गांव के हर घर से एक व्यक्ति को दिल्ली जाकर किसान संघर्ष में शामिल होने की बात कही है। अगर कोई आंदोलन में नहीं जाता है तो पंचायत उससे दो हजार रुपये जुर्माना वसूलेगी। इसके अलावा गांव के हर किसान को उसकी जमीन के हिसाब से प्रति एकड़ 100 रुपये किसानी संघर्ष के लिए पंचायत को देने होंगे। गांव के हर घर से चाहे वह किसी भी जाति से हों, पंचायत 100 रुपये प्रति घर फंड लेगी।
मोगा की पंचायत
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
गांव डगरू, साफूवाला व दौधर की पंचायत ने यह भी आदेश जारी किए हैं कि रोजाना 10 लोग दिल्ली बार्डर के लिए रवाना होंगे और वहां पर एक सप्ताह तक उन्हें रहना अनिवार्य होगा। आदेश न मानने वाले परिवार व व्यक्ति विशेष की आर्थिक स्थिति देखकर पंचायत जुर्माना भी लगाएगी। वहीं आंदोलन के दौरान शहीद होने वाले किसान के परिवार को दस लाख रुपये पंचायत की ओर से देने की घोषणा भी की गई है।
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पंचायत में मौजूद लोग।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
गांव डगरू के सरपंच सुखविंदर सिंह ने बताया कि ग्रामीणों की सहमति और उनकी हाजिरी में फैसला लिया है कि हर पंचायत किसानों के संघर्ष में अंत तक दिल्ली टीकरी बार्डर पर एक ट्रैक्टर ट्राली किसानों की संख्या के साथ पक्के तौर पर उपलब्ध करवाएगी।
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पंचायत में मौजूद लोग।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
इसके अलावा पंचायत अपने स्तर पर ग्रामीणों से फंड एकत्रित कर दिल्ली में किसान जत्थेबंदियो को देगी, ताकि किसानी बचाने के लिए शुरू किए गए संघर्ष में कोई कमी न रहे। लोगों ने पंचायत के इस फैसले का स्वागत किया है। वहीं गांव दौधर और साफूवाला में भी इसी तरह का फैसला लिया गया है।