जम्मू-कश्मीर के कुलगाम में बलिदान हुए लुधियाना जिले के मानुपुर गांव के जवान प्रीतपाल सिंह (29) ने शुक्रवार देर रात वीरगति प्राप्त की। मात्र छह महीने पहले शादी के बंधन में बंधे प्रीतपाल की शहादत की खबर से गांव में शोक की लहर दौड़ गई।
शहीद के बड़े भाई मनप्रीत सिंह ने बताया कि शुक्रवार को उनकी प्रीतपाल से फोन पर आखिरी बार बात हुई थी। ऑपरेशन पर निकलते समय भी उन्होंने घर वालों को हौसला दिया और कहा था- चिंता मत करना, मैं जल्दी लौटूंगा।
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प्रीतपाल सिंह की फाइल फोटो
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
उन्होंने बताया था कि आतंकियों को पकड़ने के लिए ऑपरेशन चल रहा है और गोलीबारी जारी है। शनिवार सुबह यूनिट के एक साथी ने फोन कर बताया कि प्रीतपाल घायल हो गए हैं और अस्पताल में भर्ती हैं लेकिन कुछ ही देर बाद यूनिट के एक अधिकारी का फोन आया कि आपके भाई ने देश के लिए अपनी जान कुर्बान कर दी।
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चूड़ा पहने प्रीतपाल सिंह की पत्नी एवं परिवार के अन्य सदस्य।
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मानुपुर की ही मनप्रीत कौर से हुई थी प्रीतपाल की शादी
ये सुनते ही मेरे पैरों तले से जमीन खिसक गई, मैं कुछ बोल ही नहीं पाया। 26 फरवरी 2025 को प्रीतपाल की शादी मानुपुर की ही मनप्रीत कौर से हुई थी। शादी के दो महीने बाद अप्रैल में वे ड्यूटी पर लौट गए।
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प्रीतपाल सिंह की फाइल फोटो
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
अगस्त के आखिर में वे छुट्टी लेकर घर आने वाले थे और दिवाली के बाद ड्यूटी पर लौटने का वादा किया था। यह उनकी पत्नी के साथ पहली दिवाली होती लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। परिवार और पत्नी को उम्मीद थी कि इस बार के त्योहार वे साथ मनाएंगे लेकिन अब उनकी जगह सिर्फ यादें रह गई हैं।
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देश के लिए शहीद हुए पंजाब के दोनों जवान।
- फोटो : संवाद
अभी नहीं उतरी पत्नी के हाथों की मेहंदी
जैसे ही बलिदान की खबर गांव पहुंची तो पूरे इलाके में सन्नाटा छा गया। मानुपुर के लोग घर-घर से निकलकर शहीद के घर पहुंचे। परिजन, रिश्तेदार और ग्रामीण सबकी आंखें नम थीं। पत्नी मनप्रीत कौर गुमसुम बैठी थीं, हाथों की मेहंदी और चूड़ा देखकर लोग रो पड़े। गांव में सिर्फ एक ही चर्चा थी कि हमारा लाल देश के लिए कुर्बान हो गया।