हजरतगंज चौराहे के पास पूर्व विधायक जिप्पी तिवारी के बेटे वैभव की गोली मारकर हत्या के बाद हिस्ट्रीशीटर विक्रम सिंह और प्रॉपर्टी डीलर सूरज शुक्ला की कार दो घंटे तक शहर की सड़कों पर दौड़ती रही। दोनों आरोपी चलती कार में पुलिस से बचने और सुबूत मिटाने की साजिश रचते रहे, फिर गांधी सेतु पर पहुंचे। वारदात में इस्तेमाल पिस्टल गोमती में फेंकी और फरार हो गए थे। दोनों से गहन पूछताछ के बाद पुलिस टीम उन्हें लेकर गांधी सेतु पहुंची और पिस्टल की तलाश में गोताखोरों ने गोमती खंगाली।
पुलिस कस्टडी रिमांड का एक दिन बीतने के बाद भी वारदात में इस्तेमाल पिस्टल व कार बरामद नहीं हो सकी। पुलिस ने नए सिरे से पूछताछ शुरू की है। इंस्पेक्टर हजरतगंज आनंद कुमार शाही ने बताया कि सूरज शुक्ला और विक्रम सिंह शनिवार रात 9 बजे के करीब पार्क रोड से कसमंडा हाउस के सामने पहुंचे। वहां सूरज ने वैभव को कॉल करके बुलाया।
थोड़ी देर बातचीत के बाद दोनों में झगड़ा हुआ। कहासुनी बढ़ने पर विक्रम सिंह ने वैभव को गोली मार दी। वैभव के गिरते ही दोनों कार पर सवार हुए और वापस पार्क रोड पर भाग निकले। पुलिस कस्टडी रिमांड पर लिए गए दोनों आरोपियों से गहन पूछताछ की गई। उन्होंने आशियाना, सरोजनीनगर, बंथरा, गोमतीनगर समेत शहर के विभिन्न स्थानों पर कार दौड़ाने और वारदात में इस्तेमाल पिस्टल गांधी सेतु से गोमती में फेंकने की बात कुबूली।
विक्रम ने कहा कि चलती कार में पुलिस से बचने की योजना बनाता रहा। फिर 1090 चौराहा होते हुए गांधी सेतु पर पहुंचा। लघुशंका के बहाने रेलिंग के पास पहुंचा और पिस्टल गोमती में फेंका। इस दौरान ड्राइविंग सीट पर बैठा सूरज आसपास की गतिविधियों पर नजर रखे था।
इंस्पेक्टर हजरतगंज आनंद कुमार शाही और इंस्पेक्टर हुसैनगंज राजकुमार सिंह फोर्स के साथ विक्रम और सूरज को लेकर बुधवार शाम 4:30 बजे गांधी सेतु पहुंचे। विक्रम से उस स्थान को चिह्नित कराया, जहां खड़े होकर उसने पिस्टल फेंकने की बात कुबूली। इसके बाद गोताखोरों ने गोमती खंगाली। घंटा भर कवायद के बाद भी पिस्टल बरामद नहीं हो सका।