फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

इंग्लैंड के डॉ. जेसन ने राहुल की मौत को बताया हत्या, मां की गुजारिश के बाद निःशुल्क किया था परीक्षण

Fri, 04 Oct 2019 04:49 PM IST
Amulya Rastogi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: Amulya Rastogi Updated Fri, 04 Oct 2019 04:49 PM IST
विज्ञापन
UK forensic expert dr.jason's report claim that rahul is murdered
सीन रीक्रिएशन की तैयारी करते पुलिसकर्मी, राहुल (फाइल फोटो) - फोटो : amar ujala
इंग्लैंड के प्रसिद्ध व अंतरराष्ट्रीय स्तर के फोरेंसिक एक्सपर्ट डॉ. जेसन पेन जेम्स से राहुल की पोस्टमार्टम रिपोर्ट, शव और घटनास्थल के फोटो, कथित सुसाइड नोट व अन्य बिंदुओं की जांच में उसकी हत्या किए जाने की बात कही थी। डॉ. जेसन का मानना था कि राहुल की मौत खुदकुशी नहीं थी और न ही वह किसी अन्य वजह से वह कॉन्स्टेंशिया स्मारक से गिरकर मरा। उसका कत्ल किया गया था। उन्होंने 25 पन्नों की अपनी रिपोर्ट में राहुल के परिवारीजनों की तरफ से उपलब्ध कराए गए हर दस्तावेज का बारीकी से अध्ययन कर यह निष्कर्ष दिया था। मालूम हो एसजीपीजीआई परिसर निवासी व वहां नेफ्रोलॉजी विभाग में टेक्निकल अफसर वी. श्रीधरन के बेटे राहुल की 10 अप्रैल 2015 की सुबह स्कूल के सौ फीट ऊंचे कांस्टेंशिया स्मारक के छज्जे से संदिग्ध हालात में गिरकर मौत हो गई थी। राहुल की मां अनम्मा ने गौतमपल्ली थाने में अज्ञात लोगों के खिलाफ बेटे की हत्या का केस दर्ज कराया था। इस मामले में पुलिस पर पक्षपात व सतही विवेचना करने तथा कॉलेज प्रशासन को बचाने का आरोप लगाते हुए मृतक के भाई एस. रोहित ने विवेचना की निगरानी के लिए कोर्ट में अर्जी दी थी। बाद में राहुल की पोस्टमार्टम रिपोर्ट की हैदराबाद की एक निजी लैब और इंग्लैंड के फोरेंसिक एक्सपर्ट डॉ. जेसन पेन जेम्स से जांच कराई गई। इसमें कई चौंकाने वाली जानकारियां सामने आई थीं। गौतमपल्ली पुलिस ने इस केस में फाइनल रिपोर्ट लगा दी थी, जिस पर कोर्ट ने पुनर्विवेचना के आदेश दिए। इस मामले में पुलिस अधिकारियों के लचर रवैये के कारण फोरेंसिक टीम ने न ही घटनास्थल का निरीक्षण किया न री-कंस्ट्रक्शन कराया। राहुल के परिवारीजनों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की। इस पर विधि विज्ञान प्रयोगशाला को री-कंस्ट्रक्शन करने का आदेश दिया।

 
UK forensic expert dr.jason's report claim that rahul is murdered
सीन रीक्रिएशन की तैयारी करते पुलिसकर्मी - फोटो : amar ujala
मालूम हो डॉ. जेसन ने ही बॉलीवुड अभिनेत्री जिया खान की खुदकुशी के मामले की जांच की थी जिसमें कई ऐसे तथ्य सामने आए जो स्थानीय पुलिस और फोरेंसिक एक्सपर्ट ने नजरअंदाज कर दिए थे। उनके विश्लेषण के बाद अभिनेता आदित्य पंचोली के बेटे सूरज पंचोली पर कानून का शिकंजा कसा था। डॉ. जेसन ने राहुल के सुसाइड नोट में मिली हैंडराइटिंग की फोरेंसिक जांच रिपोर्ट को सिरे से नकार दिया था। उन्होंने अपने विश्लेषण में लिखा कि फोरेंसिक एक्सपर्ट ने हैंडराइटिंग का सही तरीके से परीक्षण नहीं किया। राहुल ने सुसाइड नोट में ‘राहुल श्रीधर, सुसाइड बाई जंपिंग ऑफ एक बिल्डिंग एट 10.30 पीएम, लिखा था।’ डॉ. जेसन का कहना है कि सुसाइड नोट लिखने वाला कोई भी व्यक्ति अपना नाम नहीं लिखता है। वह खुद को ‘मैं’ संबोधित करते हुए सुसाइड नोट लिखता है। एक अन्य कागज में उसने लिखा, ‘वेटिंग फॉर यू....’ डॉ. जेसन का कहना है कि दोनों लिखावट में फर्क है।
UK forensic expert dr.jason's report claim that rahul is murdered
सीन रीक्रिएशन की तैयारी करते पुलिसकर्मी - फोटो : amar ujala

उन्होंने यह भी कहा कि कांस्टेंशिया स्मारक की 60 फीट ऊंचाई से अगर कोई 14 साल का बच्चा गिरता है तो उसे अलग तरह की चोटें आनी चाहिए थीं जबकि राहुल के शरीर पर ऐसी कोई चोट परिलक्षित नहीं हो रही है। इतनी ऊंचाई से गिरने पर सबसे ज्यादा चोट गले, सीने के नीचे (पेट से ऊपर) तक आती हैं जबकि राहुल के शरीर के इस हिस्से में बहुत ही कम चोटें थीं। जो भी वह भी जानलेवा नहीं थीं। हाथ-पैर और पसलियां जगह-जगह से टूट जाती हैं। राहुल के सिर के तीन तरफ चोटें थीं जबकि गिरने वाले व्यक्ति के किसी एक तरफ ही चोट आती है। उसके दोनों पैरों के सामने की तरफ तीन सेंटीमीटर के घाव थे। कोई फ्रैक्चर था न ही कोई पसली टूटी थी। पेट में भी चोटें नहीं हैं जो आश्चर्यजनक है। उन्होंने घटनास्थल के फोटो देखकर जमीन पर खून के पैटर्न पर भी सवाल उठाए। उन्होंने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि घटनास्थल पर खून का न मिलना संदिग्ध है। उन्होंने अपनी जांच रिपोर्ट में राहुल को किसी भारी या ठोस हथियार से मारने की आशंका जताई थी।

विज्ञापन
विज्ञापन
UK forensic expert dr.jason's report claim that rahul is murdered
सीन रीक्रिएशन - फोटो : amar ujala
निजी लैब की रिपोर्ट में हत्या की तरफ था इशारा
हैदराबाद की निजी कंपनी की लैब के विशेषज्ञों का कहना था कि मृतक अगर सुसाइड करता तो सीधे अपने दोनों पैरों के बल जमीन पर गिरता। इससे उसके दोनों पैरों का निचला हिस्सा कई जगह से फ्रैक्चर होना चाहिए जो नहीं हुआ। जमीन पर पैर छूने के साथ ही मृतक का शरीर आगे की तरफ गिरता जिससे अगले हिस्से में चोटें, रगड़ और घिसने जैसे निशान आते जबकि शरीर के अगले हिस्से में ऐसा कोई भी लक्षण नहीं था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक मृतक के एक चोट सिर के पिछले, एक चोट माथे और तीन चोटें चेहरे के बायें हिस्से पर हैं। तीनों ही चोटें सिर्फ ऊंचाई से गिरने मात्र से नहीं आ सकती हैं। यह चोटें झगड़े की हो सकती हैं। मृतक के बायें पैर के सामने वाले हिस्से पर घुटने से आठ सेंटीमीटर नीचे की तरफ व दायें पैर में घुटने से नौ इंच नीचे एक चोट थी। दोनों चोटें एक ही बार में लगी हैं। यह चोटें किसी छड़ी या लोहे की रॉड से वार करने से लगी हो सकती हैं। अगर मृतक खुद बिल्डिंग से कूदा और बीच में छज्जे या किसी अन्य वस्तु से टकराए बगैर सीधे नीचे गिरा तो उसकी छाती, पेट पर चोटें या रगड़ होनी चाहिए थीं जबकि उसे कहीं भी ऐसी चोटें नहीं लगी। इतनी ऊपर से गिरने के बाद ऐसा संभव नहीं है।
विज्ञापन
UK forensic expert dr.jason's report claim that rahul is murdered
सीन रीक्रिएशन - फोटो : amar ujala

डेथ नोट गेम और फेसबुक के लैरी कॉनर्स पर नहीं हुआ काम
राहुल श्रीधरन के माता-पिता का कहना है कि पुलिस ने डेथ नोट गेम खेलने या लड़की के चक्कर में खुदकुशी की बात कहकर मामला रफा-दफा करने की कोशिश की, लेकिन इससे जुड़े कोई भी तथ्य नहीं जुटाए। अनम्मा का आरोप है कि राहुल की मौत के मामले में प्रथम आरोपी उसके फेसबुक फ्रेंड लैरी कॉनर्स का नाम भी पुलिस ने जानबूझकर छिपाया। उसकी फेसबुक आईडी को ट्रेस करने की कोशिश नहीं की, जबकि राहुल की मौत के ठीक पहले तक उसका फेसबुक पर लैरी कॉनर्स नाम के व्यक्ति से संपर्क बना हुआ था। उनका कहना है कि लैरी कॉनर्स नाम से किसी व्यक्ति ने फर्जी आईडी बनाकर उनके बेटे की अबोध मानसिक अवस्था का शोषण किया था। उसने राहुल के मन में खुद को भगवान होने का भ्रम पैदा कर दिया था। उन्होंने लैरी कॉनर्स के डेथ नोट गेम से भी जुड़े होने की आशंका जताई थी।


 
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed