रायबरेली के ऊंचाहार थाना क्षेत्र में रविवार दोपहर ट्रक व एसयूवी की भिड़ंत में एक ही परिवार के तीन बच्चों समेत छह लोगों की मौत हो गई। जबकि गाड़ी में सवार तीन लोग गंभीर रूप से जख्मी हो गए। वहीं गाड़ी में बैठे एक युवक को खरोच तक नहीं आई।
हादसा उस समय हुआ जब एसयूवी सवार लोग प्रतापगढ़ के मनगढ़ कुंडा स्थित कृपालु महाराज के भक्तिधाम से दर्शन कर लौट रहे थे। दुर्घटना के समय गाड़ी में 10 लोग सवार थे। वहीं टक्कर लगने के बाद गाड़ी के परखचे उड़ गए।
ऊंचाहार के रघुनाथपुर लबेदवा गांव निवासी अंकुश मौर्य रविवार भोर एसयूवी से मां, अपनी बहनों व भांजे-भांजियों को लेकर प्रतापगढ़ के मनगढ़ कुंडा स्थित कृपालु महाराज के भक्तिधाम दर्शन करने गया था। गाड़ी में 10 लोग सवार थे। दोपहर को सभी दर्शन कर लौट रहे थे। तभी हाईवे पर अरखा गांव स्थित पहलवान वीर बाबा मंदिर के पास लखनऊ से इलाहाबाद की तरफ जा रहे ट्रक से एसयूवी भिड़ गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि एसयूवी के परखचे उड़ गए।
सूचना पर पहुंचे एसओ धनंजय सिंह ने सिपाहियों व ग्रामीणों की मदद से वाहन में फंसे लोगों को किसी तरह बाहर निकलवाया। लेकिन तब तक अंकुश मौर्य पुत्र रामकिशोर, उसकी मां केशकली, मीरा सवैया गांव निवासी बहन अनूपा देवी (34) पत्नी रामरतन, अनूप के बच्चे परी (2), प्रिंश (12) व दूसरी बहन सोनम की बेटी आराध्या (डेढ़ साल) की मौत हो चुकी थी।
जबकि गाड़ी में सवार अंकुश की भांजी कोमल (13) पुत्री रामरतन, चचेरी बहन अनीता (25), बहन सोनम (40) पत्नी अजय कुमार उर्फ छोटेलाल को गंभीर हालत में सीएचसी भेजा गया, जहां से उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया।
हादसे के दौरान गाड़ी में सवार अंकुश का दोस्त ऊंचाहार के पूरे मालिन मजरे बहेरवा निवासी अरविंद कुमार बाल-बाल बच गया। उधर, हादसे की सूचना पर डीएम संजय कुमार खत्री, एसपी सुजाता सिंह और सीओ डलमऊ विनीत सिंह मौके पर पहुंचे और जांच की। एसपी सुजाता सिंह ने बताया कि ट्रक और एसयूवी की भिड़ंत में छह लोगों की मौत हुई है, जबकि तीन लोग घायल हुए हैं।
हादसे के बाद हर तरफ चीत्कार मची थी। कोई कभी अपनों को चुप करा रहा था तो कभी घायलों की मदद के लिए गुहार लगा रहा था। ढांढस पहुंचाने आए लोग भी फफक रहे थे। हादसे में परिवार के छह लोगों की मौत ने कई घरों की खुशियां छिन लीं।
ऊंचाहार के अंकुश, उसकी बहन व भांजे-भांजियों की मौत से गांव में मातम पसरा था। बिलख रहे परिवारीजन यही कह रहे थे कि सब कुछ ठीक था। मनगढ़ में दर्शन करने के बाद फोन कर सूचना भी दी थी कि वहां से चल दिए। न जाने परिवार की खुशियों को किसकी नजर लग गई। (हादसे के बाद सीएचसी के बाहर बिलखते परिवारीजन।)