लखनऊ के पीजीआई रायबरेली रोड की एल्डिको कॉलोनी में मंगलवार सुबह सांड के हमले में सात लोग घायल हो गए। इसमें एक महिला की हालत गंभीर बनी हुई है। लगभग एक घंटे सांड का आतंक बना रहा। लोगों ने पुलिस कंट्रोल रूम और नगर निगम को सूचना दी। करीब दो घंटे बाद नगर निगम का दस्ता पहुंचा। इसके बाद सांड को पकड़ा गया। इस दौरान पूरी कॉलोनी में सन्नाटा पसरा रहा। सांड के पकड़े जाने तक लोग घरों में डरे सहमे बैठे रहे।
सावधान! लखनऊ में सांडों का आतंक, महिला समेत सात को पटका, 750 छुट्टा घूम रहे, तस्वीरें
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कॉलोनी में सुबह नौ बजे उतरेठिया की रहने वाली सुशीला देवी कपड़े इस्त्री कर रही थीं। तभी एक सांड दौड़ता हुआ आया और हमला कर दिया। कुछ लोग बचाने के लिए दौड़े तो सांड दूसरी तरफ भाग गया। सुशीला देवी को पहले नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया। हालत गंभीर देख सिविल अस्पताल भेजा दिया गया।
सुशीला पर हमले के बाद दूसरी तरफ से आ रहे तारा चंद्र यादव को सांड ने मारा, ताराचंद्र भी चोटिल हो गए। इसके थोड़ी देर बाद मोटरसाइकिल से दूध वितरण का कार्य करने वाले शीतल खेड़ा निवासी रिंकू पर हमला कर दिया और उसकी गाड़ी गिरा दी। रिंकू के बाद रास्ते से निकल रही पुष्पा देवी पर हमला किया। यहीं नहीं उधर से गुजर रहे तीन अन्य लोगों पर भी सांड ने हमला कर दिया।
बीकेटी में भी एक घायल
देवरी रुखारा गांव में मंगलवार की शाम खेत में गेहूं की कटाई कर रहे युवक कुलदीप पर सांड ने हमला कर दिया। युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। ग्रामीणों ने युवक को राम सागर मिश्र संयुक्त चिकित्सालय में भर्ती कराया। वहां से डॉक्टरों ने युवक को बलरामपुर अस्पताल भेज दिया।
जानवरों से घायल होने वालों की संख्या बढ़ी
केजीएमयू ट्रॉमा सेंटर में जानवरों के हमले में घायल होकर आने वाली संख्या लगातार बढ़ रही है। केजीएमयू के चिकित्सा अधीक्षक प्रो. संतोष कुमार ने बताया कि यहां आने वाले कुछ घायलों में 1.5 फीसदी जानवर से घायल होने वाले आते थे, लेकिन अब इनकी संख्या तीन से चार फीसदी पहुंच गई है।