यूपी: मायावती बोलीं- अब आकाश को निकालने की नौबत नहीं आएगी, अशोक सिद्धार्थ के संन्यास के बाद बदलाव की उम्मीद
मायावती ने आकाश आनंद को दोबारा बसपा में राष्ट्रीय संयोजक की जिम्मेदारी देने के बाद मीडिया रिपोर्टों पर सफाई दी। उन्होंने कहा कि अशोक सिद्धार्थ के राजनीति से संन्यास लेने के बाद आकाश के व्यवहार में बदलाव की उम्मीद है। मायावती ने भरोसा जताया कि अब उन्हें दोबारा संगठन से अलग करने की नौबत नहीं आएगी।
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बहुजन समाज पार्टी प्रमुख मायावती ने आकाश आनंद को दोबारा पार्टी में शामिल करने और राष्ट्रीय संयोजक की जिम्मेदारी सौंपने के बाद मीडिया में चल रही खबरों पर सफाई दी है। मायावती ने कहा कि आकाश आनंद की पार्टी में वापसी को लेकर अधिकांश मीडिया में जिस तरह से खबरें प्रकाशित की जा रही हैं, उसमें पूरे घटनाक्रम की सही तस्वीर सामने नहीं आ रही है।
मायावती के मुताबिक, आकाश आनंद शादी से पहले से ही बसपा में सक्रिय भूमिका निभा रहे थे और उस दौरान उनके खिलाफ पार्टी को कोई शिकायत नहीं मिली थी। उन्होंने कहा कि इसी वजह से उस समय उन्हें पार्टी से अलग करने की जरूरत नहीं पड़ी।
अशोक सिद्धार्थ से रिश्ते के बाद विवाद का जिक्र
मायावती ने आकाश आनंद के ससुर अशोक सिद्धार्थ का जिक्र करते हुए कहा कि उनके साथ रिश्ता होने के बाद ऐसी परिस्थितियां बनीं, जिनमें आकाश आनंद के राजनीतिक आचरण में सुधार के उद्देश्य से संगठनात्मक स्तर पर कई फैसले लेने पड़े। उन्होंने कहा कि गलती का एहसास होने के बाद आकाश को दोबारा जिम्मेदारी भी दी गई।
उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, आकाश आनंद को मई 2024 और मार्च 2025 में पार्टी से निकालने के बाद वापस लिया गया था। सितंबर 2026 में उन्हें फिर पार्टी से अलग किया गया और अब पांच अक्टूबर को मायावती ने उन्हें दोबारा पार्टी में शामिल करते हुए राष्ट्रीय संयोजक बनाया है।
अशोक सिद्धार्थ के संन्यास के बाद बदलाव की उम्मीद
मायावती ने कहा कि अशोक सिद्धार्थ के राजनीति से संन्यास लेने के बाद अब ऐसी स्थिति पैदा नहीं होनी चाहिए, जिसमें आकाश आनंद को दोबारा संगठन से अलग करने की जरूरत पड़े। उन्होंने उम्मीद जताई कि आकाश आगे पार्टी के लिए काम करेंगे और राजनीतिक रूप से आगे बढ़ेंगे।