अक्षय तृतीया पर इस बार शहरवासी 45 किलो सोने व 220 किलो चांदी के गहने खरीद कर घर ले गए। 45 किलो सोने में 30 किलो अन-ब्रांडेड तो 15 किलो ब्रांडेड शामिल है। लेकिन लखनऊ सराफा एसोसिएशन ने सिर्फ 29 किलो 500 ग्राम सोना एवं 110 किलो चांदी बेचने का दावा किया है। एसोसिएशन का कहना कि इस अक्षय तृतीया पर पिछली अक्षय तृतीया से महज 500 ग्राम सोना ही अधिक बिका है। अक्षय तृतीया ने सराफा कारोबारियों को मंगलवार दोपहर बाद तक तो बहुत निराश किया, लेकिन शाम ढलते ही खरीदारों के उमड़ने का सिलसिला शुरू हुआ तो देर रात तक जारी रहा।
अक्षय तृतीया: खूब बिके सोने-चांदी के गहने, सबसे महंगा हार 16 लाख का बिका, करोड़ों का हुआ कारोबार
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कारोबारियों के मुताबिक, इस पर्व पर सोने व हीरे के लाइट वेट एवं फैंसी गहनों को महिलाओं ने हाथों हाथ खरीदा, जिनमें अंगूठी, चेन, गले के हार, कान के झाला, हीरे के सेट शामिल रहे। जबकि चांदी के गहनों में पायल एवं बिछिया की ही खूब सेल हुई। एसोसिएशन के उपाध्यक्ष आदीश जैन ने बताया कि राजधानी के कारोबारियों ने अन ब्रांडेड 29.500 किलो सोने के गहने और 110 किलो चांदी के गहने बेचे, जिनकी कीमत करीब 11 करोड़ आंकी गई। उधर, सूत्रों ने बताया कि हजरतगंज, इंदिरानगर एवं गोमतीनगर के ब्रांडेड गहने के शोरूम पर खूब खरीदार रहे जो कीमती आइटम खरीदकर घर ले गये।
16 लाख का बिका हार
अक्षय तृतीया पर सबसे महंगा नौलखा हार चौक के एक सराफा कारोबारी ने बेचा। इस हार की कीमत 16 लाख रुपये थी। खरीदार ने इस हार की बुकिंग अक्षय तृतीया पर्व से पहले कराई थी। पांच-पांच लाख रुपये कीमत के भी बहुत से कुंदन एवं डायमंड के हार बिके।
नॉन ब्रांडेड गहने 10 करोड़
ब्रांडेड गहने 5 करोड़
डायमंड गहने 5 करोड़
चांदी गहने 1 करोड़
कुल 21 करोड़
अक्षय तृतीया पर घरों में 600 वाहन पहुंचे। इनमें 200 कार एवं 400 दोपहिया वाहन शामिल हैं। सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी राघवेंद्र सिंह के मुताबिक शाम छह बजे बिकने वाले वाहनों का परिवहन विभाग में पंजीयन हो चुका था। उन्होंने बताया कि अक्षय तृतीया पर कुल कितने वाहन बिके इसकी जानकारी को कुल हुए पंजीकरण से मालूम होगा।