आरटीओ कार्यालय में सक्रिय हाईटेक दलालों ने ऑनलाइन व्यवस्था का भी तोड़ निकाल लिया है। वो साइबर कैफे से ऑनलाइन टेस्ट में नकल करवा रहे हैं और बिना ड्राइविंग टेस्ट के परमानेंट लाइसेंस बनवा देते हैं।
RTO Office: छह हजार दो, घर बैठे ड्राइविंग लाइसेंस लो... दलालों ने ऑनलाइन व्यवस्था का भी तोड़ निकाला
लर्निंग लाइसेंस बनवाने के लिए अब आरटीओ कार्यालय आने की आवश्यकता नहीं है। इसके लिए ऑनलाइन आवेदन के बाद 15 मिनट का टेस्ट होता है। रोजाना औसतन सौ से डेढ़ सौ ऑनलाइन टेस्ट होते हैं। इसमें ट्रैफिक से जुड़े 15 सवाल पूछे जाते हैं, जिनमें से कम से कम नौ का सही जवाब देना होता है। इससे कम सही जवाब देने वाले फेल हो जाते हैं। दलाल इन्हें इस टेस्ट में पास कराने की गारंटी लेते हैं। इसके लिए वे आरटीओ कार्यालय के बाहर बने साइबर कैफे से नकल की पूरी व्यवस्था करवाते हैं। वहीं, लर्निंग के बाद परमानेंट लाइसेंस बनवाने के लिए ऑनलाइन स्लॉट लेना पड़ता है। फिर उस दिन सारथी भवन आना पड़ता है, यहां फोटो खिंचती है और फिर ड्राइविंग टेस्ट देना पड़ता है। इसके लिए प्रतिदिन 396 स्लॉट आवंटित किए जा रहे हैं। दलाल आवेदकों से मोटी रकम लेते हैं, जिससे उन्हें ड्राइविंग टेस्ट तक नहीं देना पड़ता है। इतना ही नहीं दलाल स्पीडपोस्ट से घर तक डीएल पहुंचाने की भी सुविधा देते हैं।
लर्निंग लाइसेेंस -- 300 रुपये
परमानेंट लाइसेंस -- 1000 रुपये
दलालों पर लगा रहे हैं अंकुश
एआरटीओ प्रशासन अखिलेश द्विवेदी का कहना है कि आरटीओ कार्यालय की ओर से दलालों पर अंकुश लगाया जा रहा है। उनकी गेट के अंदर एंट्री प्रतिबंधित है। कार्यालय के भीतर दलालों के पाए जाने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।