लखनऊ। रामकृष्ण मठ में स्वामी विवेकानंद के शिकागो भाषण की 133वीं वर्षगांठ पर विशेष कार्यक्रम आयोजित हुआ। इस अवसर पर रामकृष्ण मठ के अध्यक्ष स्वामी मुक्तिनाथानंदने कहा कि हिंदू धर्म मानवता को एकता, समन्वय और आत्मबोध का संदेश देता है। स्वामी विवेकानंद ने वर्ष 1893 में शिकागो की विश्व धर्म संसद में भारत की आध्यात्मिक विरासत को प्रस्तुत किया था। उनके संबोधन ने भा रतीय वेदांत और योग को वैश्विक स्तर पर प्रतिष्ठित किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ विभिन्न धर्मों के प्रतिनिधियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। बौद्ध, ईसाई, इस्लाम और सिख धर्म के प्रतिनिधियों ने अपने धर्मों की शिक्षाओं और मानवता के प्रति संदेश दिए। रामकृष्ण मिशन सेवाश्रम के अध्यक्ष अमोद गुजराल ने स्वामी विवेकानंद के सार्वभौमिक संदेश के प्रचार-प्रसार को आवश्यक बताया। उपस्थित लोगों ने समाज में सद्भाव, शांति और धार्मिक समन्वय को बढ़ावा देने का संकल्प लिया।