नागरिकता संशोधन कानून के विरोध को लेकर शुक्रवार को जुमे की नमाज के बाद शहर में सड़कों पर जुलूस निकला। जुलूस को रोक लिया गया तो जुलूस में शामिल आक्रोशित लोगों ने पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया, जिसके जवाब में पुलिस ने लाठीचार्ज किया। आंसू गैस के गोले छोड़े गए।
2 of 8
बहराइच में सीएए के विरोध में प्रदर्शन
- फोटो : अमर उजाला
पथराव में एएसपी नगर की गाड़ी क्षतिग्रस्त हो गई। वहीं चार सिपाहियों को भी चोट लगी। 10 पत्थरबाजों को पुलिस ने हिरासत में लिया है। शहर में अघोषित कर्फ्यू का माहौल रहा। दुकानें भी बंद रहीं। प्रदर्शन के चलते शहर में अफरातफरी रही।
3 of 8
प्रदर्शनकारियों को शांत कराने की कोशिश करते मौलाना
- फोटो : अमर उजाला
नागरिकता संशोधन कानून को लेकर शुक्रवार को जुमे की नमाज के बाद जुलूस निकालने की संभावना जताई गई थी, जिसके बाद प्रशासन सतर्क हो गया था। पहले से ही शहर में चौकसी बढ़ा दी गई थी। सुबह से ही शहर के मुख्य मार्गों को आवागमन के लिए बंद कर दिया गया था। जुमे की नमाज के बाद शहर के अलग-अलग हिस्सों से जुलूस निकाला जाने लगा। घंटाघर की ओर से बढ़ रहे जुलूसों को बैरीकेडिंग लगाकर रोक दिया गया था। सैकड़ों की संख्या में आलम शहीद मस्जिद की ओर एकत्रित हुए लोगों को रोकने का प्रयास किया गया।
4 of 8
बहराइच में सीएए व एनआरसी के विरोध में प्रदर्शन
- फोटो : अमर उजाला
वहीं काजीपुरा की तरफ से बढ़ रही भीड़ को भी बैरीकेडिंग लगाकर रोका गया। इस दौरान डीएम और एसपी बार-बार समझाने का प्रयास करते रहे। इसके बावजूद भीड़ आगे बढ़ने के लिए धक्का-मुक्की करने लगी। जिस पर प्रशासन की ओर से लाठीचार्ज शुरू कर दिया गया। यहां स्थिति सामान्य हुई तो स्टीलगंज तालाब स्थित नानपारा मस्जिद के सामने एकत्रित भीड़ को डीएम शंभु कुमार और एसपी डॉ. गौरव ग्रोवर ने वापस जाने की चेतावनी दी, मगर भीड़ डटी रही।
5 of 8
बहराइच में सीएए व एनआरसी के विरोध में प्रदर्शन
- फोटो : अमर उजाला
कुछ लोगों की ओर से पत्थर फेंकने का प्रयास किया गया। जिसके बाद पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़ने शुरू कर दिए। उपद्रव मचा रही भीड़ को फोर्स ने खदेड़ लिया। लाठीचार्ज करते हुए गली-कूचों में छिपे लोगों को भी दौड़ा-दौड़ाकर पीटा गया। यहां हालात काबू में हुए ही थे कि छावनी चौराहे पर भी उपद्रवियों की भीड़ एकत्र हो गई। उपद्रवियो ने बैरीकेडिंग तोड़ दी। पथराव शुरू कर दिया। पथराव में एएसपी नगर अजय प्रताप की गाड़ी का शीशा टूट गया। दोतरफा भीड़ को नियंत्रित करने में प्रशासन के पसीने छूट गए।