नागरिकता संशोधन कानून के विरोध प्रदर्शन के दौरान बृहस्पतिवार को उपद्रव और आगजनी के बाद हालात काबू करने के लिए शुक्रवार सुबह से पुराने शहर में भारी फोर्स तैनात रही। डीजीपी ओपी सिंह ने खुद सड़क पर निकलकर सुरक्षा इंजताम परखे। डीएम-एसएसपी दिनभर संवेदनशील इलाकों में गश्त करते रहे तो रूमी गेट चौकी पर एडीजी जोन एसएन साबत के साथ पुलिस मुख्यालय में तैनात आईजी नवनीत सिकेरा कैंप करके पल-पल की जानकारी लेते रहे। उधर, दोपहर को नमाज के बाद मौलवीगंज में छिटपुट प्रदर्शन और पथराव से कुछ देर के लिए अराजकता हो गई। मौके पर पहुंचे अधिकारियों और नागरिक सुरक्षा समिति के लोगों ने शांति व्यवस्था कायम की।
लखनऊ में शांति, मौलवीगंज में बिगड़ा माहौल, छिटपुट प्रदर्शन पथराव के बाद पुलिस ने काबू किए हालात
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उधर, पुराने लखनऊ के चप्पे-चप्पे पर फोर्स लगी रही। अधिकारियों ने बताया कि शुक्रवार को दो कंपनी रैपिड एक्शन फोर्स और छह कंपनी पीएसी मिलने से काफी राहत मिली। पुराने लखनऊ में पोस्टमार्टम हाउस, टीले वाली मस्जिद और रूमी गेट पर वज्र वाहन की तैनाती के साथ ही ड्रोन टीम के साथ खुफिया सक्रिय रही। नमाज के बाद दिन शांतिपूर्वक गुजरने के बाद भी रूमी गेट पुलिस चौकी पर आला अधिकारी कैंप करते रहे। एडीजी कानून व्यवस्था पीवी रामाशास्त्री ने रूमी गेट चौकी पहुंचकर दिनभर की रिपोर्ट ली।
नागरिक सुरक्षा समिति ने कराया शांत
व्यापारी नेता अमरनाथ मिश्रा के नेतृत्व में सक्रिय नागरिक सुरक्षा समिति हरकत में आ गई। इलाके के कुछ वरिष्ठ नागरिकों से बातचीत कर लोगों से शांति बनाए रखने की अपील शुरू कर दी। करीब एक घंटे के मान-मनौव्वल के बाद हंगामा व प्रदर्शन शांत हुआ। लोगों की भीड़ को गलियों से हटाने में दो से तीन घंटे का समय लग गया। इस दौरान अमीनाबाद से गोलागंज तक का रास्ता पूरी तरह बाधित हो गया। प्रदर्शन की सूचना मिलते ही जिलाधिकारी अभिषेक प्रकाश और एसएसपी कलानिधि नैथानी भी टीम के साथ पहुंच गये। वहां मौजूद सीओ बाजारखाला अनिल कुमार और कैसरबाग संजीव सिन्हा को आवश्यक निर्देश दिया।