लखनऊ के पारा में सलेमपुर पतौरा के पूर्व प्रधान रामकुमार गौतम उर्फ गुड्डू गौतम (48) की रविवार रात गोली मारकर हत्या से आक्रोशित परिवारीजनों ने सोमवार दोपहर जमकर हंगामा किया। पोस्टमार्टम के बाद परिवारीजन शव लेकर बुद्धेश्वर-मोहान रोड पहुंचे और सड़क जाम कर दी। करीब चार घंटे तक हंगामा व प्रदर्शन चला, जिससे इलाके की यातायात व्यवस्था ध्वस्त हो गई। सूचना पाकर आए पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों ने पूर्व प्रधान के परिवारीजनों को कार्रवाई का आश्वासन देकर शांत किया। शाम लगभग छह बजे मामला शांत हुआ। उधर, पूर्व प्रधान के परिवारीजनों की तरफ से अज्ञात हत्यारों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। इंस्पेक्टर त्रिलोकी सिंह ने बताया कि हत्या के पीछे जमीन समेत अन्य विवाद खंगाले जा रहे हैं। हंगामा व प्रदर्शन की शुरुआत दोपहर करीब दो बजे से हुई।
पूर्व प्रधान का शव रखकर सड़क पर लगाया जाम, चार घंटे तक चला हंगामा व प्रदर्शन
विवादित जमीन पर ही अंतिम संस्कार
पूर्व प्रधान रामकुमार गौतम उर्फ गुड्डू के शव का अंतिम संस्कार उसी विवादित जमीन पर किया गया जिसे लेकर हत्या की आशंका जताई जा रही है। इलाकाई लोगों ने बताया कि काकोरी मोड़ मोहान रोड पर करीब 18 बीघा ग्राम समाज की जमीन को लेकर उनका कुछ दबंगों से विवाद चल रहा था। दबंगों ने उक्त जमीन पर निर्माण कार्य करा लिए हैं। राजकुमार गौतम का कार्यालय भी उसी जमीन पर है। लोगों के मुताबिक, जमीन के अगले हिस्से का पूर्व प्रधान ने अपने नाम पट्टा करा लिया था, जिससे दबंग भड़के हुए थे। वह पूर्व प्रधान को जमीन खाली करने के लिए कई बार धमकियां भी दे चुके थे। दो महीने पहले पूर्व प्रधान पर जानलेवा हमला भी हुआ था। परिवारीजनों का आरोप है कि पारा पुलिस से शिकायत की गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। इससे दबंगों के हौसले बढ़ गए और उन्होंने रामकुमार गौतम की हत्या कर दी। हालांकि, परिवारीजनों ने किसी को नामजद नहीं किया है।
एक करोड़ रुपये मुआवजे की मांग
पूर्व प्रधान के परिवारीजनों ने प्रशासन से एक करोड़ रुपये मुआवजा देने की मांग की है। एसडीएम सदर को सौंपे गए पांच सूत्री मांगपत्र में परिवारीजनों ने आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी के अलावा एक करोड़ रुपये मुआवजा, सुरक्षा के लिए दो गनर, शस्त्र लाइसेंस और मुख्यमंत्री से मुलाकात कराने की मांग की है। एसडीएम सदर ने पुलिस अधिकारियों से बातचीत कर तत्काल दो गनर मुहैया करा दिए और अन्य मांगें शासन के ध्यानार्थ रखने का आश्वासन दिया।