लखनऊ में सेना से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति लेकर शिक्षक बने रामदेव वर्मा (48) और उसके पड़ोसी हनोमान के बीच मामूली विवाद को लेकर सोमवार रात जमकर मारपीट हुई। धारदार हथियार से हमले में रामदेव की मौत हो गई जबकि कई लोगों को गंभीर चोटें आई हैं।
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बिलखते परिवारीजन
- फोटो : amar ujala
पुलिस ने आरोपियों पर गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज करने के साथ ही दूसरे पक्ष की तरफ से भी एफआईआर लिख ली, जिस पर मृतक के परिवारीजन भड़क गए। मंगलवार दोपहर पोस्टमार्टम के बाद परिवारीजन शव लेकर गांव पहुंचे और सड़क जाम कर दी।
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रोते बिलखते परिवारीजन
- फोटो : amar ujala
अधिकारियों ने कार्रवाई का आश्वासन देकर धरना-प्रदर्शन खत्म कराया। इंस्पेक्टर विद्यासागर पाल का कहना है कि मृतक के भाई रामसमुझ की तरफ से आठ लोगों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कराया गया है। आरोपियों ने भी मृतक के बेटे सहित अन्य लोगों पर एफआईआर की है। हत्या की धाराओं में केस दर्ज कर हनोमान, धीर सिंह, मनीष व नन्हा को गिरफ्तार कर लिया गया है।
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रोते बिलखते परिवारीजन
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रामदेव के परिवार में पत्नी कमला देवी के अलावा बेटे अभिजीत (13) व अभिषेक (10) हैं। इंस्पेक्टर ने बताया कि बस्तिया गांव निवासी रामदेव वर्मा सेना में हवलदार थे। सितंबर 2016 को स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति के बाद वह शिक्षक बन गए और वर्तमान में अमेठी जनपद के बहादुरपुर ब्लॉक स्थित प्राथमिक विद्यालय फतेहपुर मवइया में सहायक अध्यापक के पद पर तैनात थे।
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रोते बिलखते परिवारीजन
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सोमवार देर शाम वह स्कूल से लौटे तो परिवारीजनों ने बताया कि खेत में जानवर घुसने से फसल खराब हो गई है। रात करीब दस बजे वह घर के बाहर बैठे थे। इसी दौरान पड़ोसी हनोमान नजर आ गया। रामदेव ने उसके जानवर खेत में घुसने की बात कहते हुए नाराजगी जताई जिस पर वह भड़ककर गाली-गलौज करने लगा।