सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव ने सोमवार को अखिलेश यादव ही नहीं उनकी युवा टीम के सदस्यों को भी खरी-खरी सुनाई। कहा, हवा में घूम रहे हो, क्या अकेले चुनाव जीत सकते हो? निंदा, आलोचना करने वाला सच्चा हितैषी होता है। जो आलोचना नहीं सुन सकता, वह नेता नहीं बन सकता। उन्होंने साफ कहा कि अमर सिंह ने हमारी बहुत मदद की है। हम उन्हें नहीं छोड़ सकते।
सपा के विधायकों, पूर्व विधायकों और प्रत्याशियों की बैठक में मुलायम ने अखिलेश के समर्थन में नारेबाजी करने वाले नौजवानों को निशाने पर लिया। कहा, समाजवादियों ने बहुत संघर्ष किए हैं। हम इमरजेंसी में 19 महीने जेल में रहे। कुल साढ़े तीन साल जेल में बिताए। लाठियां खाई, राजनारायण का पैर टूट गया था। रामानंद तिवारी और अर्जुन सिंह भदौरिया समेत सभी नेता इस स्थिति से गुजरे हैं। ये उछलने वाले एक लाठी पड़ते ही भाग खड़े होंगे।
कहा कि नौजवानों को मैंने आगे बढ़ाया है, उन्हें बड़े पदों पर बैठाया, संगठन में जगह दी। संविधान संशोधन करके युवाओं के चार संगठन बनाए। राजेश यादव की तरफ इशारा करते हुए कहा कि बाराबंकी का यह लड़का क्या कभी विधायक बन सकता था। उन्होंने नाम लिए बिना रामगोपाल से मिले पत्रों पर नाराजगी जताई। कहा कि इनकी वोट लेने की हैसियत नहीं है।
मुलायम ने अखिलेश और युवाओं की तरफ इशारा करते हुए कहा, तुम हवा में घूम रहे हो। तुम्हारी हैसियत क्या है, क्या अकेले चुनाव जीत सकते हो? उन्होंने एक युवा एमएलसी का नाम लेकर कहा कि इनके पास चापलूसी के अलावा कोई धंधा नहीं रह गया है। ऐसा नहीं कि नौजवान हमारे साथ नहीं हैं, मेरा इशारा हो जाए तो सब आ जाएंगे। राजनीति में छवि बनानी पड़ती है। हम चापलूसी पसंद नहीं करते। कहा, इनमें एक भी समाजवाद की परिभाषा बता दे तो हम मान लेंगे।
शिवपाल रात भर करते थे प्रचार
मुलायम ने कहा, एक चुनाव में मैं एक दिन क्षेत्र में नहीं गया। शिवपाल के पीछे पुलिस रहती थी। वह रात नौ बजे से सुबह चार बजे तक प्रचार करते थे। यह चुनाव मैं 11 हजार वोटों से जीता। वह कई बार मरने से बाल-बाल बचे हैं। बर्खास्त किए गए मंत्री ओमप्रकाश का नाम लेते हुए कहा कि उन्होंने लाठियां खाई हैं। वह पहले चन्द्रशेखर के साथ थे, अब हमारे साथ हैं।