मुख्यमंत्री अखिलेश यादव सोमवार को अपने पिता और सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव के सामने रो पड़े। रुंधे गले से अखिलेश ने कहा- ‘नेताजी चाहें तो मुझे पार्टी से निकाल सकते हैं। मैंने एक बेटे और मुख्यमंत्री के रूप में अपनी पूरी जिम्मेदारी निभाई। पार्टी पूरी तरह से नेताजी की है और वे जो चाहे फैसला ले सकते हैं। नेताजी कहें तो मैं इस्तीफा देने को भी तैयार हूं।’ फिर बोले- नेताजी, आपको जो वफादार लगे, ईमानदार लगे, जिसका जमीर जिंदा हो उसे मुख्यमंत्री बना दीजिए। अखिलेश ने समाजवादी पार्टी व परिवार में पैदा हुए संकट का ठीकरा एक बार फिर अमर सिंह के सिर फोड़ा।
मुलायम के सामने रो पड़े सीएम अखिलेश, कहा- नेताजी चाहें तो पार्टी से निकाल दें
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पार्टी व परिवार में मचे घमासान के बीच सपा प्रदेश कार्यालय पर बुलाई गई बैठक में अखिलेश अपना पक्ष रखते-रखते काफी भावुक हो गए। बोले- मैंने कैबिनेट मीटिंग में भी कह दिया था कि यह पार्टी पूरी तरह आपकी है। पर मेरी जिम्मेदारी बेटे के हिसाब से जो बनती है, वह मैं जरूर पूरी करूंगा। दूसरे लोगों ने कैंपेन शुरू कर दिए हैं। आपकी पार्टी ने बहुत से काम किए हैं। आपने कहा कि 24 महीने के भीतर एक्सप्रेस-वे बनकर तैयार होना चाहिए। हमने 22 महीने में तैयार कर दिया। आपके जन्मदिन पर इसका उद्घाटन करेंगे।
अखिलेश बोले, यूपी सरकार एकमात्र सरकार है जो 55 लाख महिलाओं को पेंशन दे रही है। मैंने यूपी को आगे बढ़ाया है। मैं आगे भी काम करता रहूंगा। बहुत से काम अधूरे पड़े हैं। मुझसे लोग पूछेंगे। तुमने बहुत वादे किए थे। काम को पूरा करना है। इसलिए मैंने कहा था कि जो साजिश करेंगे उनके खिलाफ कार्रवाई करूंगा।
कौन नई पार्टी बना रहा, मैं तो नहीं
अखिलेश ने कहा कि लोग कह रहे हैं कि मैं नई पार्टी बनाऊंगा। कौन नई पार्टी बना रहा है। मैं नहीं बना रहा हूं। नेताजी, हमारे व पार्टी के खिलाफ अगर कोई साजिश हो रही है तो मैं कार्रवाई जरूर करूंगा। उसी समय मैंने फैसला ले लिया, लेकिन किसी को नहीं बताया कि क्या करने जा रहा हूं। शहजिल इस्लाम के पिताजी बैठे होंगे। प्रधानजी आए थे, बैठे थे हमारे साथ। मैंने प्रधानजी से कहा कि नेताजी ने मुझे सीएम बनाया है। मेरी किस्मत अच्छी है कि मैं उनका बेटा हूं। मुख्यमंत्री के रूप में मेरी जिम्मेदारी थी कि नेताजी ने जो घोषणा पत्र बनाया उसे लागू करूं। मैंने उनके घोषणा पत्र को पूरी तरह से लागू भी किया। मैंने कहा कि मेरी जो जिम्मेदारी बनती है, बेटे के रूप में, करूं कि नहीं? उन्होंने कहा- अपनी जिम्मेदारी निभाओ। तो जो झगड़ा करा रहे हैं, उनके खिलाफ कैसे कार्रवाई न करूं? मेरी जिम्मेदारी है कि जो साजिश कर रहे हैं उन्हें हटाऊं? इसीलिए मैंने आप लोगों से नहीं पूछा, किसे हटाऊं किसे नहीं। न शिवपाल चाचा से न राजेंद्र चौधरी से। रामगोपाल चाचा से भी नहीं पूछा।
नेताजी के कहने पर गायत्री को हटाया
अखिलेश बोले ‘नेताजी आपने मुझसे कहा था कि गायत्री प्रजापति को तुम बचाते क्यों नहीं? तुम मुख्यमंत्री हो तुम्हें बचाना चाहिए। मैंने कहा बचा लूंगा, लेकिन प्रजापति मेरा कहना कहां मानता है। आपका फिर फोन आया मेरे पास कि प्रजापति को हटा दो। फिर फोन आया कि राजकिशोर को हटा दो। मैंने हटा दिया तो प्रजापति फिर आपके पास दिल्ली पहुंच गए।’