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युवक की संदिग्ध हालात में मौत, पूर्व पार्षद ने लगाया ये आरोप, पुलिस ने चिता से उठाया शव
Wed, 30 Oct 2019 04:34 PM IST
Amulya Rastogi
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: Amulya Rastogi
Updated Wed, 30 Oct 2019 04:34 PM IST
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पोस्टमार्टम के लिए रुकवाया गया अंतिम संस्कार
- फोटो : amar ujala
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लखनऊ के गाजीपुर थाना क्षेत्र के संजय गांधीपुरम निवासी पंकज उपाध्याय (40) की संदिग्ध हालात में मौत के बाद जब परिवारीजन अंतिम संस्कार कर रहे थे, उसी वक्त भैंसाकुंड पहुंची पुलिस ने अंतिम संस्कार रुकवा दिया। मृतक के रिश्तेदार और पूर्व पार्षद राजेंद्र शुक्ला के हत्या के आरोप के बाद पुलिस ने चिता से शव को उठवा लिया।
पोस्टमार्टम के लिए रुकवाया गया अंतिम संस्कार
- फोटो : amar ujala
शव का पोस्टमॉर्टम करवाकर विसरा सुरक्षित रखा गया। रिपोर्ट में मौत की वजह साफ नहीं हो सकी है। पुलिस ने बताया कि पंकज की मौत सोमवार सुबह हुई थी। पुलिस का कहना है कि पंकज को हार्निया की बीमारी थी। पीजीआई में उपचार चल रहा था। दिवाली के चलते वह पीजीआई नहीं जा सके थे। सोमवार को उनकी हालत बिगड़ने लगी जिसके बाद परिवारीजन उन्हें पीजीआई लेकर दौड़े। हालांकि, रास्ते में ही पंकज ने दम तोड़ दिया।
पोस्टमार्टम के लिए रुकवाया गया अंतिम संस्कार
- फोटो : amar ujala
इस बीच परिवारीजनों ने आनन-फानन शव का क्रियाकर्म करने भैंसाकुंड पहुंच गए। इसका पता चलते ही पंकज के रिश्तेदार व पूर्व पार्षद राजेंद्र शुक्ला ने पुलिस को सूचना दी।उनका कहना था कि पंकज के पास काफी संपत्ति है, जिसे हड़पने के लिए परिवारीजनों ने ही उसे मार दिया है।
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पोस्टमार्टम के लिए रुकवाया गया अंतिम संस्कार
- फोटो : amar ujala
राजेंद्र की तरफ से लिखित प्रार्थनापत्र मिलते ही हरकत में आई पुलिस भैंसाकुंड पहुंची। उस वक्त परिवारीजनों ने पंकज की चिता को आग भी लगा दी थी। अभी आग सुलगी थी तभी पुलिस ने पानी डालकर उसे बुझा दिया। परिवारीजनों व घाट पर मौजूद लोगों ने विरोध किया लेकिन पुलिस ने किसी की नहीं सुनी।
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पोस्टमार्टम के लिए रुकवाया गया अंतिम संस्कार
- फोटो : amar ujala
परिवारीजनों का कहना है कि पंकज की पत्नी मनोरमा उपाध्याय की वर्ष 2016 में सड़क हादसे में मौत हो गई थी। वह अपनी 10 साल की बेटी के साथ रहता था। ससुरालवालों ने संपत्ति के लालच में पंकज की हत्या करने का शक जताया है।