लखनऊ के ट्रांसपोर्टनगर में शनिवार शाम बारिश के दौरान शहीद पथ के किनारे इमारत (हरमिलाप टावर) के जमींदोज होने से कुछ मिनट पहले बिल्डिंग के भीतर अजीब सी धड़धड़ाने की आवाज आई। कुछ शंका हुई तो करीब सभी कर्मचारी बाहर निकले। फिर सब सामान्य लगा तो वापस अंदर आ गए। इसके चंद मिनट बाद अचानक इमारत भरभराकर जमींदोज हो गई। यह जानकारी घायलों ने बातचीत के दौरान दी।
2 of 15
Lucknow Building Collapse
- फोटो : अमर उजाला
हादसा होते ही हर तरफ भगदड़ मच गई। आसपास की बिल्डिंग वाले भागने लगे। कुछ का कहना था कि ऐसा लगा कि भूकंप आ गया तो कुछ को लगा कि बारिश के दौरान बिजली गिर गई।
3 of 15
Lucknow Building Collapse
- फोटो : अमर उजाला
इमारत ढहते ही आसपास धूल ही धूल छा गई। कुछ भी दिखाई नहीं दे रहा था। जिसका कंटेनर फंसा था वह ड्राइवर भागकर डिवाइडर पर जाकर बैठा। उसका कहना था कि लगा कि मैं भी मर जाऊंगा। पता ही नहीं चल रहा था कि आखिर हुआ क्या।
4 of 15
Lucknow Building Collapse
- फोटो : अमर उजाला
धमाके जैसी थी आवाज, समझ नहीं आया क्या करें
हादसे में घायल हुए विनीत कश्यप ने बताया कि वह रोजाना की तरह काम कर रहे थे। एक बार बाहर जाने के बाद भीतर आए। तभी अचानक बिल्डिंग के एक हिस्से ढहता दिखा। जब तक वह बाहर जा पाते तब तक पूरी इमारत ढह गई। बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिला। हादसे के दौरान विनीत ग्राउंड फ्लोर पर थे।
5 of 15
Lucknow Building Collapse
- फोटो : अमर उजाला
गत्तों के ढेर में दब गए, जिससे बची जान
हादसे में राजेंद्र कुमार भी चोटिल हुए हैं। राजेंद्र ने बताया कि वह गत्तों का ढेर लगा रहे थे। जब हादसा हुआ वह भागने की कोशिश की लेकिन नहीं भाग पाए। गनीमत रही कि गत्तों का ढेर उन पर पलट गया। जिससे मलबा गिरने से वह मामूली चोटिल हुए। गंभीर चोट नहीं आई।