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रणजीत बच्चन हत्याकांड में चौंकाने वाला खुलासा, सीसीटीवी फुटेज में दिखे करीबी ने रची साजिश!
Wed, 05 Feb 2020 08:18 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: शाहरुख खान
Updated Wed, 05 Feb 2020 08:18 AM IST
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ranjeet bachchan murder case
- फोटो : अमर उजाला
विश्व हिंदू महासभा के अध्यक्ष रणजीत बच्चन की हत्या के मामले में पुलिस की तफ्तीश अवैध संबंधों व रुपये के लेनदेन की ओर बढ़ने लगी है। पुलिस ने गोरखपुर से प्रॉपर्टी डीलर समेत तीन और रायबरेली के बछरावां से एक को कस्टडी में लिया है। मंगलवार देर शाम को जेसीपी नीलाब्जा चौधरी ने रणजीत बच्चन की पत्नी कालिंदी शर्मा से लंबी पूछताछ की। हालांकि उन्होंने इसे सिर्फ रूटीन पूछताछ कहा है। लेकिन इस बात से आश्वस्त किया है कि जल्द ही वारदात का खुलासा हो जाएगा।
ranjeet bachchan murder case
- फोटो : अमर उजाला
परिवर्तन चौक ग्लोब पार्क के मुख्य गेट के पास रविवार सुबह 6 बजे बदमाशों ने रणजीत बच्चन की गोली मारकर हत्या कर दी थी। हाई प्रोफाइल हत्याकांड के खुलासे के लिए राजधानी की 8 टीमों के अलावा गोरखपुर क्राइम ब्रांच सीओ प्रवीण सिंह के नेतृत्व में टीम लगी है। वहीं एसटीएफ की एक टीम भी लगाई गई है। सोमवार देर रात को गोरखपुर क्राइम ब्रांच की टीम ने तीन संदिग्ध लोगों को उठाया है। उनसे पूछताछ के बाद लखनऊ पुलिस को सुपुर्द कर दिया। लखनऊ पुलिस दोपहर को इन सभी संदिग्धों को लेकर हजरतगंज थाने पहुंची।
फाइल फोटो
- फोटो : सोशल मीडिया
इसमें एक प्रॉपर्टी डीलर, एक ठेकेदार व एक अन्य व्यक्ति शामिल है। एक प्रॉपर्टी डीलर की मदद से ही रणजीत बच्चन ने गोरखपुर के गुलरिहा इलाके में जमीन खरीदी थी। जिस पर वह आश्रम बनवा रहे थे। इसके अलावा एक ठेकेदार सहित तीन अन्य भी पुलिस की गिरफ्त में हैं। इन से लेनदेन का मामला सामने आया है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक एक युवक का चेहरा सीसीटीवी में मिले संदिग्ध से काफी मिलता-जुलता है। हालांकि पुलिस अधिकारी इसकी पुष्टि नहीं कर रहे हैं। वारदात के खुलासे के लिए राजधानी की पुलिस गोरखपुर के सीधे संपर्क में बनी हुई है।
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रणजीत बच्चन हत्याकांड
- फोटो : अमर उजाला
छह महीने पहले किया था लाइसेंस के लिए आवेदन
रणजीत को अपनी जान पर खतरा काफी पहले हो गया था। उन्होंने छह महीने पहले शस्त्र लाइसेंस के लिए आवेदन किया था। इसकी जांच हुसैनगंज पुलिस ने की थी। वहीं इस जांच पर एसीपी हजरतगंज के कार्यालय से भी रिपोर्ट लगाई गई थी। हालांकि कोई भी अधिकारी यह बता नहीं पा रहा था कि उनको लाइसेंस जारी हुआ था या नहीं। शस्त्र लाइसेंस के लिए आवेदन करने के छह महीने बाद उनकी गोली मारकर हत्या कर दी गई।
रणजीत को अपनी जान पर खतरा काफी पहले हो गया था। उन्होंने छह महीने पहले शस्त्र लाइसेंस के लिए आवेदन किया था। इसकी जांच हुसैनगंज पुलिस ने की थी। वहीं इस जांच पर एसीपी हजरतगंज के कार्यालय से भी रिपोर्ट लगाई गई थी। हालांकि कोई भी अधिकारी यह बता नहीं पा रहा था कि उनको लाइसेंस जारी हुआ था या नहीं। शस्त्र लाइसेंस के लिए आवेदन करने के छह महीने बाद उनकी गोली मारकर हत्या कर दी गई।
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CCTV फुटेज में कंबल ओढ़कर जाता शख्स (रणजीत बच्चन का फाइल फोटो)।
- फोटो : अमर उजाला
सीसीटीवी फुटेज से करीबियों पर गहराया संदेह
पुलिस ने हजरतगंज चौराहे से ग्लोब पार्क, जनपथ मार्केट से दयानिधान पार्क के बीच करीब 15 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली है। इसमें कई लोग संदिग्ध दिखे है। इसमें रणजीत बच्चन के काफी करीबी लोगों के साजिश में शामिल होने की आशंका की पुष्टि हो रही है। जनपथ मार्केट के सीसीटीवी कैमरे में रणजीत बच्चन की तरफ इशारा करते हुए एक धुंधली सी तस्वीर आई है। इसमें इशारे के बाद दो युवक बाहर की तरफ जाते हुए दिखे। वहां से करीब 300 मीटर दूरी पर लगे सीसीटीवी कैमरे में हमलावरों की तस्वीर मिली है। जिसके आधार पर पुलिस हत्यारों की तलाश कर रही है।
पुलिस ने हजरतगंज चौराहे से ग्लोब पार्क, जनपथ मार्केट से दयानिधान पार्क के बीच करीब 15 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली है। इसमें कई लोग संदिग्ध दिखे है। इसमें रणजीत बच्चन के काफी करीबी लोगों के साजिश में शामिल होने की आशंका की पुष्टि हो रही है। जनपथ मार्केट के सीसीटीवी कैमरे में रणजीत बच्चन की तरफ इशारा करते हुए एक धुंधली सी तस्वीर आई है। इसमें इशारे के बाद दो युवक बाहर की तरफ जाते हुए दिखे। वहां से करीब 300 मीटर दूरी पर लगे सीसीटीवी कैमरे में हमलावरों की तस्वीर मिली है। जिसके आधार पर पुलिस हत्यारों की तलाश कर रही है।