केंद्र सरकार के द्वारा आयकर कानून में बदलाव करने के बाद भी तमाम समस्याएं जस की तस हैं। समस्या उत्पन्न करने वाले कानून में संशोधन करने की जरूरत है। जब 40 लाख तक कारोबार करने वाले व्यापारी को जीएसटी से छूट प्रदान की गई तो आयकर की भी सीमा आठ लाख की जानी चाहिए।
आम बजट से उम्मीदें: व्यापारी बोले, आयकर छूट आठ लाख तक करें और नौकरियां देने पर करें फोकस
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छोटे उद्योगों को बढ़ावा देने की बनाए नीति
सरकार बड़े उद्योग घरानों पर केंद्रित नीति न बनाकर छोटे पारंपरिक उद्योगों को बढ़ावा देने की नीति बनाए। इस बजट में टैक्स के जंजाल को खत्म किया जाए। ताकि व्यापार बच सके और व्यापारी राहत की सांस ले। - जितेंद्र सिंह, व्यापारी स्टेशनरी
जीएसटी का सरलीकरण करने की जरूरत
केंद्र सरकार द्वारा व्यापारियों के लिए जो पांच लाख तक छूट है, उसको 7.50 लाख तक की जाए। जीएसटी का सरलीकरण किया जाए। इससे मध्यम श्रेणी का व्यापारी सुचारु रूप से अपना व्यापार कर सके। - रविन्द्र गुप्ता, व्यापारी कपड़ा
टैक्स की दो दरें हों जीएसटी चोरी रुकेगी
जीएसटी में 5,12, 18, 28 की जगह दो दरें 7 और 12 फीसदी होनी चाहिए। इससे राजस्व भी बढ़ेगा और व्यापारियों को लिखा पढ़ी करने में झंझट नहीं करना पड़ेगा। जीएसटी चोरी पर अंकुश भी लगेगा। - रामबाबू रस्तोगी, व्यापारी इलेक्ट्रिकल
युवाओं को नौकरियां उपलब्ध करानी जरूरी
सरकार को नौकरियां देने पर ध्यान देना चाहिए। बड़ी तादाद में युवा नौकरी की तलाश में भटक रहें हैं। इससे बेरोजगारी को बढ़ावा मिल रहा और युवा वर्ग हतोत्साहित है। ऐसे लोगों को नौकरियों को उपलब्ध कराना बेहद जरूरी है। - मुमताज आलम, संचालक साइबर कैफे