राजधानी लखनऊ के घंटाघर में नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ प्रदर्शन कर रही महिलाओं ने तिरंगा फहराकर गणतंत्र दिवस मनाया और संविधान रक्षा का प्रण लिया। इस मौके पर पिछले दिनों लखनऊ में हुए बवाल में मारे गए युवक मोहम्मद वकील के पिता भी झंडा फहराने पहुंचे।
CAA के खिलाफ प्रदर्शन कर रही महिलाओं ने मनाया गणतंत्र दिवस, ली संविधान बचाने की शपथ, तस्वीरें
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बता दें कि पिछले करीब 10 दिनों से लखनऊ में सीएए कानून के खिलाफ महिलाएं घंटाघर में प्रदर्शन कर रही हैं और सरकार से इस कानून को वापस लेने की अपील कर रही हैं।
इसके पहले, मौलाना कल्बे सादिक के बेटे कल्बे सिब्तैन सहित दस नामजद व सैकड़ों अज्ञात लोगों के खिलाफ शनिवार को ठाकुरगंज थाने में मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस के मुताबिक मौलाना के बेटे के साथ सैकड़ों लोग सीएए व एनआरसी के खिलाफ अवैध तरीके से चल रहे प्रदर्शन में शामिल हुए थे। इससे इलाके में यातायात बाधित हुआ। वहीं, धारा 144 का उल्लंघन होने के साथ सरकारी काम में बाधा उत्पन्न की गई, जिससे बलवा होने की आशंका थी। पुलिस ने कार्रवाई भी शुरू कर दी है। प्रदर्शन के दौरान सपा की नेता व जामिया के छात्र समेत आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया।
एडीसीपी पश्चिम विकास चंद्र त्रिपाठी के मुताबिक कुछ महिला संगठन व महिलाएं 17 जनवरी से बिना प्रशासन की अनुमति के अवैध रूप से सीएए व एनआरसी के खिलाफ धरना-प्रदर्शन कर रही हैं। 24 जनवरी की शाम 6 बजे अचानक प्रदर्शन स्थल पर सैकड़ों लोग झुंड बनाकर हाथों में डंडा लेकर पहुंचे और सीएए व एनआरसी का विरोध करने लगे। इनका नेतृत्व आदिल नसीम सिद्दीकी, शेख ताहिर, कल्बे सिब्तैन, मो. अनस, लईक हसन, अरसद आलम खान, मो. यामीन, मो. अकरम, कय्युम व नेता सफात कर रहे थे।
जाम लगाने, धारा 144 के उल्लंघन का आरोप
प्रभारी निरीक्षक ठाकुरगंज प्रमोद मिश्रा के मुताबिक प्रदर्शन में शामिल होने वालों ने घंटाघर के सामने वाली सड़क पर कब्जा कर लिया और वाहन आड़े-तिरछे खड़े कर दिए। इससे यातायात प्रभावित हो गया। वहीं, राजधानी में गणतंत्र दिवस, डिफेंस एक्सपो व सीएए व एनआरसी के विरोध में चल रहे प्रदर्शन को देखते हुए पूरे कमिश्नरी इलाके में लागू धारा 144 का भी प्रदर्शनकारियों ने उल्लंघन किया। मना करने पर प्रदर्शनकारियों ने भड़काऊ नारे लगाने शुरू कर दिए। पुलिसकर्मियाें से धक्का-मुक्की की, जिससे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
इन धाराओं में दर्ज हुआ मुकदमा
अवैध रूप से प्रदर्शन में शामिल होने वाले लोगों के खिलाफ विधि विरुद्ध जनसमूह इकट्ठा करना, जिससे कानून व्यवस्था प्रभावित हो, उपद्रव या बलवा करना, धारा 144 का उल्लंघन, सड़क जाम कर प्रदर्शन करना, सरकारी काम में बाधा डालकर सरकारी कर्मचारियों पर हमला करने और सेवेन सीएलए का मुकदमा दर्ज किया गया है। (गणतंत्र दिवस पर प्रदर्शन करती महिलाएं।)