लखनऊ के बलरामपुर अस्पताल में शुक्रवार को इमरजेंसी में भर्ती महिला की मौत के बाद बेटी ने डॉक्टर को थप्पड़ जड़ दिया। इस पर सीएमएस ने पुलिस बुला ली। तीमारदार ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया है। वहीं, सीएमएस ने तीमारदारों पर सरकारी कामकाज में बाधा और डॉक्टर से मारपीट की रिपोर्ट दर्ज कराई है।
इलाज के दौरान महिला की मौत, बेटी ने जड़ा डॉक्टर को थप्पड़, लगाए ये आरोप
एलडीए कॉलोनी, पराग डेरी के पास रहने वाली उर्मिला सिंह (55) के गुर्दे में परेशानी थी। तीमारदारों ने बुधवार रात उन्हें बलरामपुर अस्पताल की इमरजेंसी में भर्ती कराया। डॉक्टरों ने केजीएमयू ले जाने की सलाह दी, लेकिन तीमारदार इसके लिए राजी नहीं हुए। शुक्रवार सुबह डॉ. अमित कुमार यादव इमरजेंसी वार्ड में राउंड ले रहे थे। उनकी नजर उर्मिला पर पड़ी तो देखा कि उन्हें सांस लेने में तकलीफ हो रही है।
आनन-फानन कार्डियक मसाज देना शुरू किया गया। इसी दौरान उर्मिला ने दम तोड़ दिया। इससे गुस्साई मरीज की बेटी आरती ने डॉ. अमित कुमार यादव को थप्पड़ जड़ दिया। बेटे रंजीत का आरोप है कि मां को भर्ती कराने के बाद वह बेड के लिए भटक रहे थे। इस दौरान एक वार्ड ब्वॉय ने बेड दिलाने के बदले तीन सौ रुपये वसूले। आरती का कहना था कि अस्पताल की प्रशिक्षु नर्स को वीगो तक नहीं लगाना आता। इस कारण मरीज का हाथ जगह-जगह से नीला पड़ गया था।
आरती का आरोप है कि मरीज की हालत गंभीर होने पर कई बार नर्स से डॉक्टर को बुलाने को कहा, मगर उसने नहीं सुना। आरोप लगाया कि डॉक्टर पूरी रात कमरा बंद कर सोते रहे और इंटर्न व नर्स इलाज करते रहे।
सीएमएस डॉ. ऋषि सक्सेना का पक्ष
- तीमारदारों का आरोप है कि डॉक्टर पूरी रात कमरे में सोते रहे?
- कोई भी डॉक्टर ड्यूटी के वक्त कमरे में नहीं सोता है। आरोप पूरी तरह से निराधार है।
- वीगो तक नहीं लगा पाती हैं प्रशिक्षु नर्स ?
- डॉक्टर से मारपीट करने बाद तीमारदार अपने बचाव में आरोप लगा रहे हैं। उन्हें कोई समस्या थी तो पहले आकर मिलते।
- बेड दिलाने के नाम पर रुपये वसूले गए?
- अगर वार्ड ब्वॉय ने रुपये लिए थे आकर इसकी शिकायत क्यों नहीं की। डॉक्टर को थप्पड़ जड़ने के बाद आरोप याद आ रहे हैं।