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अजीत सिंह हत्याकांड: शूटर गिरधारी का मोबाइल बना पूर्व सांसद धनंजय सिंह की गले की हड्डी, जानें- कैसे खुले राज

Sun, 21 Feb 2021 08:34 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Sun, 21 Feb 2021 08:34 PM IST
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This is how Dhananjay Singh get trapped in Ajeet Singh Murder case.
आरोपी पूर्व सांसद धनंजय सिंह। - फोटो : amar ujala

लखनऊ के विभूतिखंड में 6 जनवरी को हुई पूर्व ब्लॉक प्रमुख अजीत सिंह की हत्या के मामले में पूर्व सांसद धनंजय सिंह के खिलाफ पुलिस ने गैरजमानती वारंट जारी कर दिया है। पुलिस को पूर्व सांसद का नाम खोलने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। पुलिस ने इस वारदात में शामिल कई लोगों को रिमांड पर लिया। उनसे पूछताछ की।

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अजीत सिंह व पूर्व सांसद धनंजय सिंह। - फोटो : amar ujala

वारदात के दूसरे ही दिन अजीत की पत्नी रानू सिंह ने मऊ में जौनपुर के पूर्व सांसद धनंजय सिंह, आजमगढ़ के माफिया कुंटू सिंह उर्फ ध्रुव सिंह, अखंड सिंह व गिरधारी विश्वकर्मा उर्फ डॉक्टर के खिलाफ लिखित तहरीर दी थी। मऊ पुलिस ने लखनऊ में वारदात होने के कारण उसे संबंधित थाने में देने की बात कहकर वापस भेज दिया। वहीं विभूतिखंड में अजीत के करीबी मोहर सिंह की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया था। रानू की तहरीर बाद में मिली। ऐसे में मुकदमा दर्ज करने से इनकार कर दिया गया।

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अजीत सिंह। - फोटो : अमर उजाला

पुलिस ने रानू का बयान दर्ज कराया जिसमें उसने खुलेआम पूर्व सांसद धनंजय सिंह, अखंड सिंह, ध्रुव उर्फ कुंटू सिंह, गिरधारी उर्फ डॉक्टर का नाम लिया था। पुलिस ने उसके लिखित बयान को अपनी कार्रवाई में शामिल कर लिया। इसके बाद पूर्व सांसद के खिलाफ साक्ष्य जुटाने शुरू कर दिए।

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घटनास्थल का एक दृश्य (फाइल फोटो) - फोटो : ajit singh murder

प्रभारी निरीक्षक चंद्रशेखर सिंह के मुताबिक, गैंगवार में एक शूटर के घायल होने की जानकारी हुई तो पुलिस ने उसकी तलाश शुरू की। पता चला कि उसका इलाज सुल्तानपुर के एक निजी अस्पताल में किया गया। पुलिस वहां पहुंची, अस्पताल के मालिक व चिकित्सक डॉ. एके सिंह की तलाश शुरू की। जब वह नहीं मिले तो पुलिस ने सफीना नोटिस जारी किया।

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एसयूवी में बरामद पिस्तौल। (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला

नोटिस जारी होने के बाद डॉ. एके सिंह विभूतिखंड थाने पहुंचे। वहां उन्होंने अपना बयान दर्ज कराया जिसमें कहा कि पूर्व सांसद धनंजय सिंह ने ही उनको कॉल कर घायल शूटर का इलाज करने को कहा था। उसे अपने करीबी विपुल सिंह के साथ अस्पताल भेजा था जहां उनके जूनियर डॉक्टर ने इलाज किया। उन्हें बताया गया था कि घायल को पेट में सरिया लगी है।

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