मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने निजी सचिव पीताम्बर यादव को हटा दिया है। इसके अलावा मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव एसपी गोयल के पीए शिशुपाल को भी हटा दिया गया है। आरोप है कि इन दोनों ने पूर्व मुख्यमंत्रियों के सरकारी बंगले बचाने के लिए दिए गए गोपनीय पत्र को लीक किया है।
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cm yogi and mulayam singh yadav
- फोटो : amar ujala
बता दें कि गुरुवार 16 मई को समाजवादी पार्टी के संरक्षक मुलायम सिंह यादव ने मुख्यमंत्री योगी से उनके आवास पर मुलाकात कर एक पत्र सौंपा था। इस पत्र में मुलायम और उनके बेटे अखिलेश यादव के सरकारी बंगले को बचाने का तरीका लिखा गया था। यही पत्र अब लीक हो गया है, जिसके बाद तत्काल प्रभाव से पिताम्बर यादव और शिशुपाल को हटा दिया गया है।
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mulayam singh yadav
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सीएम कार्यालय के सूत्रों के मुताबिक इन पर शासन के निर्णयों के संबंध में गोपनीयता भंग करने का आरोप था। ये सीएम ऑफिस की एक्टिविटी और निर्णयों को अम्ल में आने से पहले ही एक बड़े कद्दावर नेता को लीक कर देते थे और वह नेता मामले से संबंधित ट्वीट कर दिया करते थे।
इसका असर ये होता था कि ट्वीट के बाद जब सरकार कार्रवाई करती थी तो जनता में ये मैसेज जाता था कि उनके (कद्दावर) के ट्वीट के बाद हरकत में आई सरकार।
बता दें कि पीताम्बर यादव अखिलेश यादव की सरकार में मुख्यमंत्री के निजी सचिव के पद पर तैनात थे। जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पंचम तल पर आकर अपना काम संभाला तो पिताम्बर यादव अपनी तैनाती बरकरार रखने में कामयाब रहे।