बुधवार को लखनऊ स्थित लोक भवन में अनोखा नजारा दिखा। उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था और विकास परियोजनाओं को जमीनी स्तर पर उतारने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को प्रदेश के सभी जिलों के जिलाधिकारियों और पुलिस कप्तानों के साथ समीक्षा बैठक की। इसमें शामिल होने से पहले सभी अधिकारियों के मोबाइल फोन जमा करा लिए गए। अधिकारियों को मोबाइल फोन पर अपने नाम की स्लिप लगा मीटिंग हॉल के बाहर जमा कराना पड़ा।
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बैठक के बाहर जमा मोबाइल फोन
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मुख्यमंत्री द्वारा बरती जा रही सख्ती का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि इससे पहले शासन स्तर की किसी भी बैठक में ऐसा नहीं किया गया। सीएम ने एक सप्ताह पहले ही ज्ञापन जारी करके मंत्रियों और अधिकारियों को सूचित कर दिया था कि लोक भवन में बैठक के दौरान मोबाइल वर्जित रहेगा।
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
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बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों निर्देश देते हुए कहा कि जनता से बेहतर संवाद बनाए ताकि संवेदनहीनता और संवादहीनता की स्थिति पैदा न हो। इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कानून व्यवस्था और विकास योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के सख्त निर्देश दिए। इस बैठक में मुख्य सचिव अनूपचंद्र पाण्डेय, डीजीपी ओपी सिंह समेत तमाम अधिकारी मौजूद थे।
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बैठक में शामिल अधिकारी
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समीक्षा बैठक में आए सभी जिले के जिलाधिकारियों और पुलिस कप्तानों को निर्देश दिया है कि वे सुबह 9 से 10 बजे तक जनता से जरूर मिलें। क्योंकि जनता के बीच जाकर ही अधिकारियों को वास्तविकता का पता चल सकेगा। इसके साथ ही डीएम, एसडीएम, तहसीलदार, एसओ और अन्य अफसर अपने कार्यस्थल पर ही रात में रुकें औऱ लोगों से संवाद स्थापित करें।
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मुख्य सचिव अनूप चंद्र पांडेय व डीजीपी ओपी सिंह
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समीक्षा बैठक में सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिया कि वह हर रोज निरीक्षण करने के लिए विद्यालयों, अस्पतालों व अलग-अलग ब्लॉक में जाएं और लोगों की शिकायतें सुनें। उन्होंने कहा है कि पुलिसकर्मी छोटे दिखने वाले अपराधों के प्रति भी संवेदनशील होकर काम करें।