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Lucknow News: माता सीता के हरण से व्याकुल हुए राम, भावुक हुए दर्शक
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रामलीला का मंचन करते कलाकार
लखनऊ। ऐशबाग रामलीला मैदान में चल रहे रामोत्सव के मंच पर शुक्रवार को श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण के वनगमन के प्रसंग से रामलीला का मंचन शुरू हुआ। सीताहरण के प्रसंग के बाद श्रीराम की व्याकुलता और घायल जटायु के वृत्तांत ने दर्शकों को भावुक कर दिया। इसके बाद लंका में माता सीता और महारानी मंदोदरी के भावनात्मक संवाद दृश्यों के साथ लीला के मंचन का समापन हुआ। रामलीला के मंचन से पूर्व सांस्कृतिक मंच का आरंभ घुंघरू नृत्य संगम डांस एकेडमी के कलाकारों की ओर से मनमोहक नृत्य प्रस्तुतियों से किया गया। ऐशबाग रामलीला समिति के अध्यक्ष हरीशचंद्र अग्रवाल ने बताया कि शनिवार के मंचन में एआई के माध्यम से भी दृश्यों को मंचित किया जाएगा।
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मंच पर दिखा दशरथ देहावसान और केवट प्रसंग का मंचन
रामलीला समिति महानगर में चल रही रामलीला के तीसरे दिन शुक्रवार को दशरथ-कैकेई संवाद, राम-सीता संवाद, राम-लक्ष्मण संवाद, राम वनगमन, केवट प्रसंग, सुमंत विलाप और दशरथ देहावसान के प्रसंगों प्रस्तुत किए गए। दिखाया गया कि कैसे मंथरा के कहने पर कैकेई कोप भवन चली जाती है और वहां पर राजा दशरथ को उनके दो वरदान याद दिलाते हुए राम को वन भेजने की बात करती है। इसके बाद केवट प्रसंग में केवट की प्रभु श्रीराम के प्रति अगाध प्रेम और शरणागत भाव देख दर्शक भाव विभोर हो गए।
श्री राम के जन्म के साथ रामलीला का आगाज-
सेक्टर ए सीतापुर रोड योजना में शुक्रवार को शुरू हुए पांच दिवसीय रामलीला के 34वां मंचन शुरू हुआ। पहले दिन वशिष्ठ जी की सलाह पर संतान प्राप्ति के लिए राजा दशरथ तीनों रानियों के साथ यज्ञ करते हैं। इसके बाद राजा दशरथ को चार पुत्र रत्नों की प्राप्ति होती है, जिनके नाम राम, लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न रखे जाते हैं। रामलीला का शुभारंभ क्षेत्रीय विधायक डॉ. नीरज बोरा ने भगवान गणेश की आरती से किया। इस मौके पर पार्षद मान सिंह यादव, श्रीरामलीला समिति के अध्यक्ष सुरेश कुमार तिवारी, महामंत्री जितेंद्र मिश्रा आदि लोग मौजूद रहे।
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मंच पर दिखा दशरथ देहावसान और केवट प्रसंग का मंचन
रामलीला समिति महानगर में चल रही रामलीला के तीसरे दिन शुक्रवार को दशरथ-कैकेई संवाद, राम-सीता संवाद, राम-लक्ष्मण संवाद, राम वनगमन, केवट प्रसंग, सुमंत विलाप और दशरथ देहावसान के प्रसंगों प्रस्तुत किए गए। दिखाया गया कि कैसे मंथरा के कहने पर कैकेई कोप भवन चली जाती है और वहां पर राजा दशरथ को उनके दो वरदान याद दिलाते हुए राम को वन भेजने की बात करती है। इसके बाद केवट प्रसंग में केवट की प्रभु श्रीराम के प्रति अगाध प्रेम और शरणागत भाव देख दर्शक भाव विभोर हो गए।
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श्री राम के जन्म के साथ रामलीला का आगाज-
सेक्टर ए सीतापुर रोड योजना में शुक्रवार को शुरू हुए पांच दिवसीय रामलीला के 34वां मंचन शुरू हुआ। पहले दिन वशिष्ठ जी की सलाह पर संतान प्राप्ति के लिए राजा दशरथ तीनों रानियों के साथ यज्ञ करते हैं। इसके बाद राजा दशरथ को चार पुत्र रत्नों की प्राप्ति होती है, जिनके नाम राम, लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न रखे जाते हैं। रामलीला का शुभारंभ क्षेत्रीय विधायक डॉ. नीरज बोरा ने भगवान गणेश की आरती से किया। इस मौके पर पार्षद मान सिंह यादव, श्रीरामलीला समिति के अध्यक्ष सुरेश कुमार तिवारी, महामंत्री जितेंद्र मिश्रा आदि लोग मौजूद रहे।

रामलीला का मंचन करते कलाकार

रामलीला का मंचन करते कलाकार

रामलीला का मंचन करते कलाकार

रामलीला का मंचन करते कलाकार

रामलीला का मंचन करते कलाकार

रामलीला का मंचन करते कलाकार

रामलीला का मंचन करते कलाकार

रामलीला का मंचन करते कलाकार

रामलीला का मंचन करते कलाकार

रामलीला का मंचन करते कलाकार

रामलीला का मंचन करते कलाकार

रामलीला का मंचन करते कलाकार

रामलीला का मंचन करते कलाकार

रामलीला का मंचन करते कलाकार
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