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देख नहीं सकते, बोले- मन की आंखों से जलाते हैं दिए

Thu, 12 Nov 2015 05:42 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, लखनऊ
टीम डिजिटल/अमर उजाला, लखनऊ Updated Thu, 12 Nov 2015 05:42 PM IST
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देख नहीं सकते, बोले- मन की आंखों से जलाते हैं दिए

Celebration of Diwali.

कानपुर के दबौली के रहने वाले प्रकाश अपनी भाभी के साथ दीवाली मना रहे हैं। उनका कहना है कि वह देख नहीं सकते पर मन की आंखों से सब अनुमान लगा सकते हैं।

देख नहीं सकते, बोले- मन की आंखों से जलाते हैं दिए

Celebration of Diwali.

प्रकाश जन्म से अंधे हैं। वह कहते हैं कि मुझे पता है कि जलता हुआ दिया कैसा लगता है। मुझे सारे रंगों को जान सकता हूं।

देख नहीं सकते, बोले- मन की आंखों से जलाते हैं दिए

Celebration of Diwali.

प्रकाश अपने बेटे के साथ।

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देख नहीं सकते, बोले- मन की आंखों से जलाते हैं दिए

Celebration of Diwali.

और ये हैं गोपाल व ऊषा जो कि कानपुर के जवाहर नगर में रहते हैं। वो कहते हैं कि दीवाली में हमें पटाखे नहीं जलाने चाहिए, इससे जानवरों को परेशानी होती है। उनका कहना है कि आंख वाले लोग गलती करते हैं। अगर वो न संभले तो आने वाला कल नहीं देख पाएंगे।

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Celebration of Diwali.

प्रकाश के परिजन।

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