भाजपा एमएलसी बुक्कल नवाब ने बिना देखे हनुमान चालीसा सुनाकर अन्य राजनीतिक दलों के मुस्लिम नेताओं को बिना किताब में देखे हनुमान चालीसा सुनाने की चुनौती दी है। उन्होंने कहा कि जो भी मुस्लिम नेता बिना किताब में पढ़े हनुमान चालीसा सुना देगा उसे एक लाख रुपये इनाम देंगे।
लालबाग स्थित एक होटल में सोमवार को मीडिया के सामने हनुमान चालीसा का पाठ करने के सवाल पर उन्होंने कहा कि 9 मार्च 1994 को उनके पिता स्व. दारा नवाब ने कुड़ियाघाट पर भगवान शिव का मंदिर बनवाया था। उन्होंने मंदिर निर्माण के 25 साल पूरे होने पर बीती 9 मार्च को कुड़ियाघाट पर कार्यक्रम किया था। उन्हीं के सम्मान में हनुमान चालीसा का पाठ किया।
उन्होंने कहा, कोई चूक न हो इसके लिए हनुमान चालीसा की किताब हाथ में ले ली। कार्यक्रम खत्म होने के बाद कई लोगों के फोन आए कि अगर हनुमान चालीसा पढ़ना है तो बगैर देखे पढ़ें। किताब का सहारा न लें। बुक्कल नवाब ने कहा, हनुमान चालीसा मुझे पूरी तरह कंठस्थ है। इसका प्रदर्शन करने के लिए ही पत्रकारों को बुलाया था ताकि लोग जान सके कि मैंने बगैर किताब देखे हनुमान चालीसा का पाठ किया है।
उन्होंने कहा, मैं देशभर के सभी राजनीतिक दलों के मुस्लिम नेताओं को चैलेंज करता हूं कि वे एक सप्ताह में बगैर देखे हनुमान चालीसा सुनाकर दिखाएं। ऐसा करने वाले हर नेता को मैं एक लाख रुपये का इनाम दूंगा।
अगर कोई नेता दूसरे राज्य से आना चाहता है कि तो उसे हवाई जहाज का किराया भी देने को तैयार हूं। कुड़ियाघाट स्थित मंदिरों के प्रमुख नीरज अवस्थी ने कहा कि हनुमान चालीसा सुनाने वाले मुस्लिम नेता को वह अपनी ओर से भी 25 हजार रुपये का इनाम देंगे।
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