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मस्जिद विस्फोट मामले में एक और बड़ा खुलासा, पांच महीने से रची जा रही थी साजिश
Sun, 17 Nov 2019 12:27 PM IST
शाहरुख खान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: शाहरुख खान
Updated Sun, 17 Nov 2019 12:27 PM IST
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एडीजी एटीएस ने मस्जिद का लिया जायजा
- फोटो : अमर उजाला
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खुफिया एजेंसियां कुशीनगर के तुर्कपट्टी थाना क्षेत्र के बैरागीपट्टी गांव की एक मस्जिद में हुए विस्फोट मामले की तह तक नहीं पहुंच सकी है। हालांकि दो दिन पहले पकड़े गए पूर्व सैन्यकर्मी अशफाक से यह जानने की कोशिश की जा रही है कि विस्फोटक का इस्तेमाल कहां होना था। जबकि मुख्य आरोपी हाजी कुतुबुद्दीन भी कुछ नहीं बोल रहा है।
कुशीनगर मस्जिद विस्फोट मामला
- फोटो : अमर उजाला
वह सारा दोष मस्जिद के मौलवी पर डाल रहा है। वहीं मौलवी व अन्य ने यह बयान दिया है कि कुतुबुद्दीन ने ही मस्जिद में बारूद रखवाया था और उसी है पता कि इसका इस्तेमाल कहां किया जाना था। दरअसल, कुतुबुद्दीन की आयु लगभग 75 वर्ष है। इस कारण जांच अधिकारी उससे कड़ाई से पूछताछ नहीं कर पा रहे हैं।
मस्जिद में विस्फोट
- फोटो : अमर उजाला
वहीं, उसकी आयु को देखते हुए उसका नारको टेस्ट नहीं कराया जा सकता है। सलिए अब तक की तमाम कोशिशों के बावजूद कुतुबुद्दीन से कोई राज नहीं उगला है। ऐसे में मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच में जुटी एटीएस के एडीजी डीके ठाकुर भी कुशीनगर रवाना हो गए हैं।
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मस्जिद में विस्फोट
- फोटो : अमर उजाला
एडीजी भी कुतुबुद्दीन व उसके भतीजे अशफाक से पूछताछ करेंगे। दरअसल, अशफाक ने ही मस्जिद में बारूद रखवाया था। लिहाजा जांच अफसरों को उम्मीद है कि अशफाक से पूछताछ में कई राज सामने आ सकते हैं।
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जांच करती पुलिस
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पांच महीने पहले से चल रही थी तैयारी
अब तक की पड़ताल में यह सामने आ चुका है कि मस्जिद में बारूद रखने का सिलसिला पांच महीने पहले शुरू हो गया था। हाजी कुतुबुद्दीन ने भी बारूद रखवाते समय कहा था कि इसका इस्तेमाल कुछ महीने बाद किसी बड़े काम के लिए किया जाएगा। ऐसे में खुफिया एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस विस्फोटक का किस साजिश में प्रयोग किया जाना था और ऐसी कौन सी साजिश रची जा रही थी जिसकी पांच माह पहले से तैयारी शुरू कर दी गई।
अब तक की पड़ताल में यह सामने आ चुका है कि मस्जिद में बारूद रखने का सिलसिला पांच महीने पहले शुरू हो गया था। हाजी कुतुबुद्दीन ने भी बारूद रखवाते समय कहा था कि इसका इस्तेमाल कुछ महीने बाद किसी बड़े काम के लिए किया जाएगा। ऐसे में खुफिया एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस विस्फोटक का किस साजिश में प्रयोग किया जाना था और ऐसी कौन सी साजिश रची जा रही थी जिसकी पांच माह पहले से तैयारी शुरू कर दी गई।