यूपी: लखनऊ में पुलिस ने बेटों को घर से उठाया, पिता बोला- मेरे पास CCTV फुटेज; दरोगा समेत दो सिपाहियों पर FIR
लखनऊ में पिता की शिकायत पर बिजनौर पुलिस के एक दरोगा, दो सिपाहियों और अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई है। आरोप है कि दो बेटों को घर से उठाकर दूसरे स्थान से गिरफ्तारी दिखाया गया। पिता ने सीसीटीवी और वीडियो साक्ष्य होने का दावा किया है।
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पीजीआई थाने में बिजनौर जनपद में तैनात एक दरोगा, दो सिपाहियों और दो-तीन अज्ञात लोगों के खिलाफ राष्ट्रीय टीम योगी महासंघ के प्रदेश उपाध्यक्ष महेंद्र सिंह सैनी ने एफआईआर दर्ज कराई है। यह एफआईआर कोर्ट के आदेश पर अपहरण, मारपीट, लूट, धमकी समेत अन्य धाराओं में दर्ज हुई है। सैनी का आरोप है कि आरोपियों ने उनके दो बेटों को घर से उठाकर ले गई और हत्या के प्रयास के एक मामले में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
वृंदावन योजना सेक्टर-6सी निवासी महेंद्र सिंह सैनी के अनुसार, 19 सितंबर 2024 की सुबह करीब 6:30 बजे एक सफेद एसयूवी उनके घर के बाहर रुकी। एसयूवी पर प्रेस का स्टीकर लगा था और उसमें सवार लोग खुद को बिजनौर पुलिस का कर्मचारी बता रहे थे। आरोप है कि वे उनके बेटे राहुल और कविंद्र को एसयूवी में बैठाकर ले गए। परिवार के विरोध करने पर धक्का-मुक्की और धमकी भी दी गई।
पिता का दावा- मेरे पास पूरे साक्ष्य
परिजनों को बाद में पता चला कि बिजनौर के नूरपुर थाने में दर्ज एफआईआर संख्या 341/2024 में दोनों को आरोपी बनाया गया है। पुलिस रिकॉर्ड में उनकी गिरफ्तारी बिजनौर के गोहावर चौराहे से दिखाई गई। महेंद्र सैनी का दावा है कि उनके पास मौजूद सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल वीडियो से साबित होता है कि राहुल और कविंद्र को लखनऊ स्थित आवास से ले जाया गया था।
जमानत कराकर बेटों को कराया रिहा
महेंद्र सिंह के अनुसार, बिजनौर पुलिस ने उनके दोनों बेटों को दंगा, घातक हथियार से हमला और हत्या के प्रयास जैसी धाराओं में गिरफ्तार किया था। उन पर मारपीट, गंभीर चोट पहुंचाने, अपमान और धमकी के आरोप भी लगाए गए थे। गिरफ्तारी के बाद दोनों बेटों को जेल भेज दिया गया था। बाद में उन्हें अदालत से जमानत मिल गई।
कोर्ट की मदद से दर्ज कराई एफआईआर
महेंद्र सैनी ने घटना के बाद स्थानीय पुलिस से लेकर पुलिस आयुक्त तक शिकायतें कीं। उन्होंने मानवाधिकार आयोग और शासन स्तर पर भी शिकायतें भेजीं लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला। इसके बाद उन्होंने अदालत का रुख किया। इंस्पेक्टर पीजीआई सुनील सिंह ने बताया कि न्यायालय के आदेश पर एफआईआर दर्ज की गई है। नूरपुर थाने के तत्कालीन दरोगा गौतम, कॉन्स्टेबल अमित कुमार, कॉन्स्टेबल राहुल और दो-तीन अज्ञात लोगों के खिलाफ जांच की जा रही है।