रील्स, पेज और चैनल की दुनिया में सोच-समझकर कदम रखें। रख लिया तो फिर पीछे मुड़कर मत देखिएगा। सबसे सही फैसला तो ये होगा कि पहले अपनी पढ़ाई पूरी करें। इंफ्लुएंसर बनने के लिए पढ़ाई न छोड़ें। ये बातें अमर उजाला कार्यालय में आयोजित संवाद कार्यक्रम में यूट्यूबर, इंफ्लुएंसर और पेज क्रिएटर ने कहीं। युवाओं का कहना था कि ये क्षेत्र आपको सम्मान देता, समृद्धि देता है और पहचान देता है, लेकिन उसमें समय लगता है। यदि आपको लगता है कि तुरंत रील बनाते या पेज तैयार करते ही आय होने लगेगी तो ये गलत है। दूसरी सबसे अहम चीज है कि अपने अलग स्टाइल और कंटेंट पर काम करें। प्रतियोगिता बहुत ज्यादा है और कठिन है। जब तक हम अलग नहीं करेंगे, तब तक धमाल नहीं मचा पाएंगे। आइए जानते हैं कि अमर उजाला कार्यालय पहुंचे इन युवाओं का क्या कहना था।
अमर उजाला संवाद: यूट्यूबर, इंफ्लूएंसर और पेज क्रिएटर बोले, रील्स और चैनल की दुनिया में सोच-समझ कर आएं
दीपक
lucknowi_vibes_के नाम से मेरा पेज है। लखनऊ शहर के छुए-अनछुए पहलुओं को दिखाने की कोशिश रहती है।
मेरा संघर्षः शुरुआत में लोगो पेज पर आते ही नहीं थे। यह बड़ा मानसिक संत्रास, निराशा भी होती थी। लेकिन धीरे-धीरे, मेहनत करते रहे और फल मिला। पोस्ट वायरल होने लगी।
युवाओं को सलाहः एक कोई प्रोफेशन या नौकरी बहुत जरूरी है, इस काम के साथ
आकांक्षा
bhukkadgumakkkad के नाम से जनवरी में ही अपना पेज बनाया। मैं खाने के बारे में इसके माध्यम से बताती हूं। विनोद दुआ से प्रेरित हुई थी।
मेरा संघर्षः एक लड़की होने के नाते आना-जाना बड़ी चुनौती है। इसके अलावा बाहर का खाने से बीमारी का डर बना रहता है।
युवाओं को सलाहः नौकरी और शौक को अलग रखें। क्रिएटर और इंफ्लूएंसर बनकर तुरंत आर्थिक फायदा नहीं होता।
कमलेन्द्र जीत राना
onepluswalla के नाम से पेज है। मैं रोजाना सात-आठ घंटे इस पर देता हूं। यात्राओं के बारे में अपने पेज पर दिखाते हैं।
मेरा संघर्षः बीटेक किया और वो पूरा हो गया। मुझे लगता है कि मैं इसी काम के लिए बना हूं, आगे इसी पर फोकस करूंगा। फिलहाल लोगों के बीच जाकर काम की तलाश है। यह बड़ी चुनौती है कि लोग हमारे प्लेटफार्म को अपने प्रचार-प्रसार के लिए शुल्क देकर इस्तेमाल कर सकें।
युवाओं को सलाहः यदि यही करना है तो यही करें, जरूरत पूरी तरह से फोकस करने की है।
up_tadka के नाम से पेज है। मैं पूरे यूपी से लोगों को परिचित कराने की कोशिश कर रहा हूं। लखनऊ पर फोकस ज्यादा रहता है।
मेरा संघर्षः पढ़ाई पूरी करने के बाद मैंने एडिटिंग का कोर्स किया। इस कोर्स को सीखने के बाद एडीटिंग को अपना व्यवसाय बनाया। साथ ही अपने शौक को पूरा कर रहा हूं। दोनों तरफ समय देना पड़ता है और दिन रात की मेहनत करनी होती है। लोगों को अभी इस काम की अहमियत और बतानी होगी।
युवाओं की सलाहः इस शौक को पार्ट टाइम व्यवसाय की तरह ही लें। पढ़ाई, प्रशिक्षण या जो कुछ भी आप कर रहे हैं, उसे पूरा करें।
रेहान खान
lucknow_best_view के नाम से पेज है। जैसा कि इसके नाम से ही स्पष्ट है कि मैं यहां की खूबसूरती को दिखाता हूं। होटल, रेस्टोरेंट आदि को दिखाने पर ज्यादा फोकस होता है।
मेरा संघर्षः काम तो शुरू कर दिया, पर लोगों के बीच उसे पहुंचाने में मेहनत लगी। लोगों को समझाना कि मैं ये करता हूं, आपके लिए भी काम कर सकता हूं, बहुत मुश्किल होता है। अपने काम का प्रमाण देना पड़ता है।
युवाओं को सलाहः जो भी करें अपना सौ फीसदी देने की कोशिश करें।
नील शाक्य
neel-shakya के नाम से मेरा पेज है। मैं लखनऊ प्रतियोगी परीक्षा के लिए आया और यहीं रुक गया। पहले यू-ट्यूब पर ब्लागिंग करता था, अब इंस्टा पर भी लखनऊ की खूबसूरती को दिखाते हैं।
मेरा संघर्षः किसी एक विषय को लेकर उस पर चलना आसान नहीं होता, शुरुआत में असफलता ही मिलती है लेकिन बाद में फालोवर्स मिलने लगे, मेरे काम को पसंद किया जाने लगा।
युवाओं की सलाहः अपने स्टाइल और अपने कंटेट को सबसे अलग रखें। खुद से पूछें कि उन्हें क्या करना है, तब आगे बढ़ें।
अंकित सिंह
लखनऊ हार्ट्स के नाम से मेरा पेज है। इस पर लखनऊ से जुड़ी ज्यादा से ज्यादा चीजों को दिखाया, उनके बारे में बताया जाता है।
मेरा संघर्षः मैं नौकरी में हूं, क्योंकि जीविका के लिए ये करना ही होगा। साथ ही मेरा शौक है मेरा पेज। इसके लिए मैं नौकरी करने के बाद समय निकालता हूं। नाइट ड्यूटी करके सुबह-सुबह पेज के लिए कंटेट तैयार करना, जाड़ा-गर्मी-बरसात सब झेलते हुए करते हैं।
युवाओ को सलाहः अपने कंटेंट पर फोकस करें, ये न सोंचे कि सब आसानी से मिल जाता है। हमारे काम के पीछे बहुत संघर्ष है।
सौरभ मिश्रा
मेरा पेज स्मार्ट सिट लखनऊ के नाम से हैं। 129 के फालोवर्स हैं। मैं अपने इस चैनल पर लखनऊ की स्मार्टनेस को दिखाता हूं।
मेरा संघर्षः चूंकि इस काम को अभी स्थायी नौकरी की तरह नहीं लिया जाता, खुद को अभी साबित करना बाकी है। लोगों को विश्वास दिलाना होगा कि हम कुछ अलग कर रहे हैं। हम लोगों को अक्सर आयोजनों में सीधे प्रवेश भी नहीं मिल पाता, लेकिन पेज पर दिखाने के लिए हर संभव कोशिश करते हैं।
युवाओं को सलाहः इसके लिए पढ़ाई या अपना काम न छोड़ें। किसी को देखकर प्रभावित न हों, खुद को पहचानें।
अकबर अहमद
यूट्यूब पर मेरे नाम से ही मेरा चैनल है, जिसके 17 हजार सब्सक्राइबर हैं। लखनऊ और मौदहा में होने वाले विशेष आयोजनों को इस पर मैं दिखाता हूं। खुद पर ही इसे फोकस रखता हूं।
मेरा संघर्षः मैं साफ्टवेयर इंडस्ट्री से जुड़ा हूं। नाइट शिफ्ट में काम करता हूं। इसके साथ ही दो साल से यू-ट्यूब के माध्यम से मैं अपने शौक को पूरा कर रहा हूं। दो नावों में एक साथ सवार हूं और दोनों में ही सफल भी हूं लेकिन अभी लंबा सफर बाकी है।
युवाओं को सलाहः इस क्षेत्र में आएं लेकिन एक कमाई का स्थायी माध्यम जरूर तैयार कर लें। भीड़ का हिस्सा न बनें, अपना अलग स्टाइल बनाएं।